
Bihar News: पूर्णिया के अमौर थाना क्षेत्र में कथित अपहरण और फिरौती के झूठे मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. बायसी एसडीपीओ जितेंद्र पांडे ने प्रेस कॉन्फेंस कर बताया कि अमौर के बागढर गांव के अब्दुल करीम ने थाने में सूचना दी थी कि उनका 26 वर्षीय पुत्र सबा जफर घर से लापता हो गया है. मोबाइल के माध्यम से उसके कथित अपहरण की बात कही गई और उसे छोड़ने के एवज में 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) की फिरौती की मांग की गई है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, पूर्णिया के दिशा-निर्देश तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-सह-अपर पुलिस अधीक्षक, बायसी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. इसमें अमौर थाना अध्यक्ष अमजद अली, रौटा थाना अध्यक्ष हरि लाल, पुअनि भागीरथ कुमार सहित अन्य पुलिस बल के साथ गठित टीम ने टोल प्लाज और रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की.
पुलिस ने सबा जफर को सकुशल किया बरामद
डीआईयू के सहयोग से रात भर काफी खोजबीन के बाद कड़ी मशक्कत पर सबा जफर को सकुशल बरामद कर लिया. जब सबा जफर से पूछताछ की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया. उसका कोई अपहरण हुआ ही नहीं था. सबा जफर को पैसों की आवश्यकता थी, इसलिए उसने घरवालों से पैसे ऐंठने के लिए खुद ही अपने अपहरण तथा फिरौती की झूठी कहानी रची थी और अपने परिजनों से पैसे मंगवाने की योजना बनाई थी.
एसडीपीओ ने बताया कि तकनीकी एवं भौतिक जांच तथा सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने इस फर्जी अपहरण के मामले का खुलासा कर दिया. इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। साथ ही सबा जफर पर केस भी किया गया है.
लोगों से पुलिस ने की ये अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की झूठी या भ्रामक सूचना न दें. ऐसी सूचनाओं से पुलिस के महत्वपूर्ण संसाधन और समय वास्तविक आपातकालीन घटनाओं से प्रभावित होते हैं. साथ ही ऐसा करना कानूनन दंडनीय भी है.



