
भारतीय रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले मसालों को लेकर एक बड़ी खाद्य सुरक्षा चेतावनी सामने आई है। एवेरेस्ट (Everest) के जीरा पाउडर के कुछ बैंचों में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक (Pesticides) अवशेष पाए जाने के बाद इसे मार्केट से वापस (Recall) मंगाया जा रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Everest जीरा पाउडर के एक बैच को Recall करने का आदेश दिया है। जांच में इस बैच में तय सीमा से ज्यादा कीटनाशक अवशेष पाए गए हैं। ऐसे में अगर आपने भी Everest जीरा पाउडर खरीदा है तो सबसे पहले उसका बैच नंबर जरूर चेक करें।
FSSAI ने 4 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि M/S Everest Food Products Private Limited को प्री-पैक्ड जीरा पाउडर को तुरंत Recall करने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि जांच में इसका सैंपल असुरक्षित पाया गया। खाद्य सुरक्षा नियामकों के अनुसार, लंबे समय तक ऐसे कीटनाशक युक्त मसालों का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। यदि आपने भी हाल ही में यह प्रोडक्ट खरीदा या इस्तेमाल किया है, तो घबराने की जगह तुरंत जरूरी कदम उठाएं। Also ReadKhushbu Sundar Weight Loss: खुशबू सुंदर ने 5 साल में घटाया 40 किलो वजन, जानें क्यों धीरे-धीरे Weight Loss है ज्यादा असरदार
जीरा पाउडर के प्रभावित बैच
लैब टेस्ट में Everest जीरा पाउडर के प्रभावित बैच में Azoxystrobin और Thiamethoxam के अवशेष तय सीमा से अधिक पाए गए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। FSSAI ने Batch No. E080668761 को Unsafe घोषित किया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामला Everest जीरा पाउडर के एक खास Recall किए गए बैच से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में मौजूद सभी पैकेज्ड जीरा पाउडर या सभी पैकेज्ड मसाले असुरक्षित हैं। Also Readझागदार पेशाब आना किडनी की बीमारी का संकेत? पेशाब में प्रोटीन क्यों आता है? नेफ्रोलोजिस्ट से जानिए कारण,लक्षण और बचाव
गलती से Recall वाला जीरा पाउडर खा लिया तो सेहत पर कैसा होगा असर?
शारदा केयर हेल्थ सिटी के डायरेक्टर और इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट चिराग टंडन के मुताबिक किसी खाद्य पदार्थ में कीटनाशक अवशेष तय सीमा से ज्यादा पाए जाने का यह मतलब अपने आप नहीं है कि उसे खाने वाले व्यक्ति को तुरंत Poisoning या कोई बीमारी हो जाएगी। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर ने बताया इस दूषित जीरे का सेवन हेल्थ को नुकसान पहुंचाएगा ये कई बातों पर निर्भर करता है जैसे व्यक्ति ने कितनी मात्रा में उसका सेवन किया, उसमें कीटनाशक की मात्रा कितनी थी, कितनी बार उसका सेवन हुआ और व्यक्ति की उम्र व शरीर का वजन कितना है।
Thiamethoxam नियोनिकोटिनॉयड ग्रुप का कीटनाशक है, जबकि Azoxystrobin एक फंगीसाइड यानी फफूंदनाशक है। इनकी मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाए जाने का मतलब यह अपने आप साबित नहीं करता कि इसे खाने वाले व्यक्ति में लक्षण जरूर दिखाई देंगे। इसलिए सिरदर्द, मतली या इस तरह के सामान्य लक्षण होने पर यह मान लेना भी सही नहीं है कि उनकी बॉडी में दिखने वाले ये लक्षण दूषित जीरा पाउडर की वजह से आ रहे हैं।
एक बार खा लिया है तो क्या करें?
अगर आपने Recall किए गए उत्पाद का एक बार सेवन किया है, तो सबसे जरूरी है कि आगे इसका इस्तेमाल बंद कर दें और दोबारा इसके संपर्क में आने से बचें। खुद से उल्टी कराने या किसी तरह का ‘Detox’ करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति ने प्रभावित उत्पाद की बहुत ज्यादा मात्रा का सेवन किया है या इसके बाद कोई गंभीर अथवा लगातार बने रहने वाले लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति में फूड पैकेट या उसका बैच नंबर अपने पास रखना उपयोगी हो सकता है। बच्चों और कुछ दूसरे संवेदनशील लोगों के मामले में विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि खाद्य पदार्थों के जरिए किसी पदार्थ का एक्सपोजर शरीर के वजन के हिसाब से अलग प्रभाव डाल सकता है।
पैकेट वाला मसाला खरीदते समय क्या-क्या चेक करें?
पैकेज्ड मसाला खरीदते समय कुछ जरूरी चीजों की जांच करना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। पैकेट खरीदने से पहले इन चीजों को जरूर देखें
- ब्रांड का नाम
- Batch या Lot Number
- Manufacturing Date
- Best Before Date
- FSSAI Licence Details
- पैकेट की सील और पैकेजिंग
- अगर पैकेट फटा हुआ, खुला, छेड़छाड़ किया हुआ या ठीक से सील नहीं है तो उसे खरीदने से बचें। अगर किसी खास उत्पाद या बैच को लेकर Recall जारी किया गया है तो FSSAI की आधिकारिक Recall जानकारी भी चेक करनी चाहिए।
पिसे हुए मसालों में मिलावट का खतरा क्यों ज्यादा?
डॉ. टंडन के मुताबिक पिसे हुए मसालों में मिलावट की पहचान करना कई बार मुश्किल होता है। इसकी वजह यह है कि मसाला पहले से ही पाउडर के रूप में होता है, इसलिए उसमें किसी दूसरी चीज को मिलाए जाने का आसानी से पता नहीं चलता। FSSAI की गाइड लाइन में बताया गया है कि जीरे में रंगे हुए घास के बीज जैसी चीजों की मिलावट हो सकती है। वहीं दूसरे पिसे हुए मसालों में स्टार्च, आटा, लकड़ी का बुरादा (Sawdust) या दूसरे सस्ते पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। इसलिए पैकेज्ड मसाले खरीदते समय केवल कीमत या ब्रांड देखकर ही फैसला नहीं करना चाहिए, बल्कि पैकेट की सील, बैच नंबर, तारीख और FSSAI की जानकारी भी जरूर जांचनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञ की राय के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, संभावित कीटनाशक एक्सपोजर या लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लें।



