Himachal Se: होटलरेस्टोरेंट और ढाबों पर आपने रूमाली रोटी तो कई बार खाई होगी, लेकिन क्या कभी घर में इसे बनाने की कोशिश की है। आप घर पर बड़ी आसानी से मुलायम और पतली रूमाली रोटी बना सकते हैं। कई लोगों को लगता है कि इसे घर पर बनाना मुश्किल है, लेकिन सही आटा और कुछ आसान ट्रिक्स की मदद से आप तवे पर भी शानदार रूमाली रोटी बना सकते हैं। अगर आप घर पर चिकन, पनीर या मलाई कोफ्ता जैसी डिश बना रहे हैं, तो यह रोटी खाने का मजा और बढ़ा सकती है।

अब घर पर भी बनेंगी रेस्टोरेंट जैसी रूमाली रोटियां, जानें तवे पर Rumali Roti बनाने की रेसिपी​
अब घर पर भी बनेंगी रेस्टोरेंट जैसी रूमाली रोटियां, जानें तवे पर Rumali Roti बनाने की रेसिपी​

रूमाली रोटी बनाने के लिए इन चीजों की पड़ेगी जरूरत

1 कप मैदा
1/2 कप गेहूं का आटा
1 बड़ा चम्मच तेल
1/4 चम्मच नमक
जरूरत अनुसार गुनगुना पानी
सूखा आटा बेलने के लिए

रेस्टोरेंट जैसी रूमाली रोटी बनाने का तरीका

इस तरह करें आटा तैयार

परफेक्ट रूमाली रोटी बनाने के लिए सबसे जरूरी है सही तरीके से आटे का डो तैयार किया जाए। इसके लिए एक बड़े बाउल में मैदा, गेहूं का आटा और नमक मिलाएं।
फिर इसमें तेल डालें। इसके बाद गुनगुने पानी की मदद से नरम आटा गूंथ लें। इस बात का ध्यान रखें कि आटा जितना सॉफ्ट होगा, रोटी उतनी ही पतली और मुलायम बनेगी। फिर गूंथे हुए आटे को हल्का तेल लगाकर ढक दें और कम से कम 30 मिनट के लिए रख दें। ऐसा करना बेहद जरूरी है। इससे ग्लूटेन सेट होता है और रोटी आसानी से पतली बेल पाती है।

अब लोइयां बनाकर बेलें

अब छोटीछोटी लोइयां बनाएं और सूखे आटे की मदद से जितना हो सके पतला बेलें। इस बात का ध्यान रखें कि रोटी बहुत मोटी न रखें। बेलते समय धीरेधीरे किनारों को फैलाएं।

तवे को इस तरह करें इस्तेमाल

रूमाली रोटी के लिए उल्टा तवा इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके लइए तवे को तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म करें।

अब रोटी को सेंकें

पतली बेली हुई रोटी को गर्म उल्टे तवे पर डालें। फिर कुछ सेकंड में बुलबुले आने लगेंगे। अब रोटी को पलटकर दूसरी तरफ भी हल्का सेक लें। रूमाली रोटी ज्यादा देर तक न सेंकें, वरना यह सख्त हो सकती है।

रूमाली रोटी को मुलायम रखने की ट्रिक्स

बनी हुई रोटियों को तुरंत कपड़े में लपेटें। ऊपर हल्का घी या मक्खन लगा सकते हैं। आप चाहते हैं कि रोटी परफेक्ट बने तो आटा ज्यादा सख्त न गूंथें। तेज आंच पर ही सेंकें।