सरकार ने आम आदमी की गाढ़ी कमाई पर मिलने वाले ब्याज को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. वित्त वर्ष 202627 की दूसरी तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सुकन्या समृद्धि योजना , पब्लिक प्रोविडेंट फंड से लेकर पोस्ट ऑफिस की तमाम प्रमुख सेविंग्स स्कीम्स पर निवेशकों को पहले की तरह ही तगड़ा रिटर्न मिलता रहेगा अगर आप भी सुरक्षित निवेश का मन बना रहे हैं, तो हमने यहां 1 लाख रुपये के निवेश के आधार पर 5 साल का पूरा गणित समझाया है.

1 लाख रुपये लगाने पर 5 साल में कितना फायदा
अगर आप आज की तारीख में इन सरकारी योजनाओं में ₹1,00,000 का एकमुश्त निवेश करते हैं, तो मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से 5 साल में आपको कितना मुनाफा मिलेगा, इसका अनुमानित कैलकुलेशन नीचे दिया गया है.
- सुकन्या समृद्धि योजना 8.2%: 5 साल में आपको करीब ₹48,300 का ब्याज मिलेगा.
- सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम 8.2%: इस योजना में तिमाही भुगतान होता है, जिससे 5 साल में कुल ब्याज लगभग ₹41,000 बनेगा.
- नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट 7.7%: 5 साल में आपका पैसा बढ़कर ₹1,44,900 हो जाएगा .
- किसान विकास पत्र 7.5%: इस दर से 5 साल में आपको लगभग ₹43,560 का ब्याज हासिल होगा.
- पोस्ट ऑफिस 5वर्षीय टाइम डिपॉजिट 7.5%: तिमाही कंपाउंडिंग के चलते 5 साल में आपको करीब ₹44,990 का ब्याज मिलेगा.
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम 7.4%: हर महीने मिलने वाले ब्याज को जोड़ें तो 5 साल में कुल ₹37,000 का फिक्स मुनाफा होगा.
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड 7.1%: इस दर पर 5 साल में आपका ₹1 लाख लगभग ₹1,40,900 बन जाएगा .
- पोस्ट ऑफिस 3वर्षीय टाइम डिपॉजिट 7.1%: इस रेट के हिसाब से 5 साल के अनुपात में करीब ₹40,900 का ब्याज बनता है.
- पोस्ट ऑफिस 2वर्षीय टाइम डिपॉजिट 7.0%: 5 साल के अनुमानित निवेश पर यह ₹40,250 का ब्याज देगा.
- पोस्ट ऑफिस 1वर्षीय टाइम डिपॉजिट 6.9%: इसके तहत 5 साल में आपको लगभग ₹39,600 का रिटर्न मिलेगा.
- पोस्ट ऑफिस 5वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट 6.7%: इस दर पर 5 साल का अनुमानित ब्याज करीब ₹38,300 बैठता है.
मार्केट के उतारचढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित
लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले पारंपरिक निवेशकों के लिए ये सरकारी योजनाएं आज भी निवेश का सबसे मजबूत टूल मानी जाती हैं. इन सभी स्कीम्स को शतप्रतिशत सरकारी गारंटी प्राप्त है, जिसका सीधा मतलब है कि आपके पैसे के डूबने का जोखिम शून्य है. शेयर बाजार में कितनी भी भारी गिरावट आए, आपकी जमा पूंजी पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित रहता है. इसके साथ ही, सुकन्या समृद्धि और पीपीएफ जैसी लोकप्रिय योजनाओं में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स में शानदार छूट भी मिलती है.
सरकार कैसे तय करती है रिटर्न
निवेशकों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि इन ब्याज दरों का फैसला आखिर होता कैसे है. वित्त मंत्रालय हर तीन महीने में इन छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की बारीकी से समीक्षा करता है. रिटर्न तय करते समय मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर नजर रखी जाती है. इसके अलावा, बैंकिंग सिस्टम में चल रही सामान्य ब्याज दरों की दिशा, देश की घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति के साथसाथ वैश्विक आर्थिक माहौल को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाता है.



