चंडीगढ़ पहुंचने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और राज्य की ओर से सम्मानपूर्वक उनका अभिनंदन किया. इस बैठक में दोनों नेताओं ने पंजाब राज्य की वर्तमान स्थिति, जन कल्याण कार्यों और देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की. इस उच्चस्तरीय बैठक की तस्वीरें ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की हैं.

ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਏਅਰਪੋਰਟ ਵਿਖੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਮਾਨਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਦ੍ਰੌਪਦੀ ਮੁਰਮੂ ਜੀ ਦਾ ਪੰਜਾਬ ਪਹੁੰਚਣ ‘ਤੇ ਨਿੱਘਾ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ…
ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀ ਰਵਾਇਤੀ ਮਹਿਮਾਨਨਿਵਾਜ਼ੀ ਅਤੇ ਅਥਾਹ ਸਤਿਕਾਰ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ‘ਜੀ ਆਇਆਂ ਨੂੰ’ ਕਿਹਾ…
ਸਾਡੇ ਸਾਰਿਆਂ ਲਈ ਇਹ ਬਹੁਤ ਮਾਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਅੱਜ ਗੁਰੂਆਂਪੀਰਾਂ ਦੀ ਇਸ ਪਵਿੱਤਰ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਹਨ…

— Bhagwant Mann October 6, 2026

राष्ट्रपति 3 दिवसीय हिमाचल प्रदेश यात्रा पर रवाना

दरअसल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वे बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति संस्थान के 91 मेधावी डॉक्टरों और पैरामेडिकल छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपाधियाँ प्रदान करके सम्मानित करेंगी.

जनवरी में स्वागत समारोह में शामिल नहीं हो सके

इससे पहले जनवरी 2026 में, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अमृतसर के पवित्र शहर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं और छात्रों को उपाधियां वितरित कीं, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान औपचारिक रूप से उनका स्वागत करने के लिए उपस्थित नहीं हो सके थे. उस समय, मुख्यमंत्री को सिखों के सर्वोच्च धार्मिक निकाय, श्री अकाल तक़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होना था.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तक़्त साहिब द्वारा सिख परंपराओं, शिष्टाचार और धार्मिक मान्यताओं से संबंधित कुछ कथित बयानों पर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया था. पंथिक परंपराओं और सर्वोच्च प्राधिकारी के आदेशों का सम्मान करते हुए, मुख्यमंत्री ने निर्धारित समय पर अकाल तक़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होने का निर्णय लिया था, जिसके कारण वे जनवरी में राष्ट्रपति के स्वागत समारोह में शामिल नहीं हो सके.