
वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले की कहानी में नया मोड़ आ गया है। फरमान खान से शादी के बाद शुरू हुए विवाद में नया ट्विस्ट आ गया है। फरमान पर रेप केस दर्ज होने के बाद उसका एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह मोनालिसा के भागने की बात कह रहा है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
फरमान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह खुद के अजमेर (राजस्थान) में होने की जानकारी देते हुए कहता है कि वह मोनालिसा की तलाश कर रहा है। वीडियो में वह कहता है, ‘हैलो फ्रेंड्स, मैं अजमेर-पुष्कर आया हुआ हूं, मोनालिसा भाग गई है, उसे ढूंढने अजमेर-पुष्कर आया हूं।’ इंदौर की मोनालिसा से केरलम में शादी रचाने वाले फरमान ने यह नहीं बताया कि मोनालिसा कब से और कैसे लापता हो गई है।
फरमान के नए वीडियो से कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या सच में मोनालिसा भाग गई है? यदि यह सच है तो आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया? क्या उसे किसी तरह बरगलाया गया था जिसका अहसास होने पर उसने यह कदम उठाया? या फिर फरमान ने अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद कोई नई चाल चल दी है? मोनालिसा भोंसले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की जांच में नाबालिग पाया गया है, जिसके बाद उसकी उम्र को लेकर उठा विवाद और गहरा गया है।
सनोज मिश्रा बोले- फरमान भाग सकता है बांग्लादेश
इस बीच मोनालिसा को अभिनेत्री का रोल देकर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फरमान के वीडियो को फर्जी करार देते हुए कहा कि इसका फायदा उठाकर फरमान विदेश भाग सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह नेपाल के रास्ते बांग्लादेश भाग सकता है। सनोज मिश्रा ने कहा, ‘वीडियो बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें जिहादी वायरल गर्ल को ढूंढ रहा है अजमेर में। वह फेक वीडियो है, इस ध्यान देने की जरूरत नहीं है। ध्यान इस पर देने की जरूरत है कि इसका फायदा उठाकर वह नेपाल के रास्ते बांग्लादेश भाग सकता है।’
16 साल की निकली मोनालिसा, फरमान पर केस दर्ज
मोनालिसा के परिवार के सदस्यों और शिकायतकर्ता दुबे ने कहा कि आयोग द्वारा की गई जांच के अनुसार, महेश्वर सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर, 2009 है और इसका मतलब है कि शादी के समय उसकी उम्र 16 साल और दो महीने थी। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 25 मार्च को महेश्वर थाने में खान के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।



