Electric Ambulance Subsidy: अगर आप एंबुलेंस खरीदने की सोच रहें हैं और मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाने की सेवा शुरु करना चाहते हैं, तो आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक एंबुलेंस अच्छी साबित हो सकती है। क्योंकि केंद्र सरकार PM EDRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक एंबुलेंस पर सब्सिडी दे रही है। आइए जानते है कैसे ले सकते हैं इस योजना का लाभ और कितनी मिलेगी सब्सिडी ?

PM EDRIVE योजना का उद्देश्य?
PM ईड्राइव योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देना और पर्यावरण की रक्षा करना है।
1. ईटूव्हीलर, ईथ्रीव्हीलर, ईएम्बुलेंस, ईट्रक और ईबसों जैसी विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी देना।
2. देश भर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना ताकि वाहन चार्ज करने में आसानी हो।
3. ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत भारत में ही इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके कलपुर्जों के विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करना।
4. पेट्रोल और डीजल जैसे आयातित जीवाश्म ईंधन पर देश की डिपेंडेंसी को घटाना।
5. पीएम ईड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक एंबुलेंस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट तक किया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसका मेनली मकसद यातायात से होने वाले प्रदूषण को कम करके वायु की गुणवत्ता में सुधार करना और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना।
कितने रुपए की मिलेगी सब्सिडी?
अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक एम्बुलेंस खरीदता है, तो पीएम ईड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक एंबुलेंस की खरीद पर ₹30,000 प्रति किलोवाटघंटा बैटरी क्षमता अथवा वाहन के एक्सफैक्ट्री मूल्य का 35%, इन दोनों में से जो भी कम हो, उतनी सब्सिडी दी जाती है।
बता दे कि, सब्सिडी वाहन की बैटरी क्षमता के आधार पर तय होती है। उदाहरण के लिए, यदि बैटरी क्षमता 70 kWh है, तो ₹30,000 प्रति kWh के हिसाब से अधिकतम ₹13.3 लाख तक की छूट मिल सकती है
कैसे मिलेगा सब्सिडी का पैसा?
PM EDRIVE योजना के तहत सब्सिडी का पैसा सीधे ग्राहक के खाते में ट्रांसफर नहीं होता है, बल्कि गाड़ी खरीदते समय ही शोरूम या डीलर द्वारा कीमत में सीधी छूट के रूप में दे दिया जाता है।
1. जब आप डीलर से कोई पात्र इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं, तो डीलर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन के दौरान PM EDRIVE पोर्टल के माध्यम से आपके नाम पर एक ईवाउचर जनरेट करता है, जिस पर एक यूनिक आईडी होती है।
2. डीलर आपके आधार कार्ड और उससे जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए फेस रिकग्निशन या ओटीपी से ईकेवाईसी पूरी करता है।
3. ईकेवाईसी पूरी होने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वाउचर का लिंक आता है। इसे चेक करके आपको सहमति देनी होती है।
4. वाउचर वेरिफाई होते ही सब्सिडी की राशि वाहन की कुल कीमत में से तुरंत कम कर दी जाती है और आपको डिस्काउंटेड कीमत ही चुकानी पड़ती है।
5. आपके द्वारा छूट का लाभ उठाने के बाद, संबंधित वाहन निर्माता कंपनी और डीलर सरकार के पोर्टल के जरिए सब्सिडी का दावा करते हैं और वह पैसा सरकार सीधे डीलर या कंपनी को रिफंड करती है।



