Gumla Minor Girl Murder Case: झारखंड में गुमला जिले के पालकोट थाना क्षेत्र की नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा कर दिया गया है. गुमला पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए नाबालिग के पिता चैतू उरांव उर्फ चैतू लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है.

जानकारी के अनुसार, पालकोट थाना क्षेत्र के तपकारा गांव के रहने वाले चैतू उरांव उर्फ चैतू लकड़ा ने 25 सितंबर को गुमला पुलिस को बताया था कि कुछ लोगों ने उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया. फिर बेहद ही गंभीर और बेहोश हालत में बेटी को घर के बाहर फेंककर आरोपी फरार हो गए. पुलिस ने नाबालिग के पिता की शिकायत दर्ज कर ली.
नाबालिग का कराया गया पोस्टमार्टम
26 सितंबर को इलाज के दौरान में रांची के रिम्स अस्पताल में नाबालिग की मौत हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमला के एसपी हरीश बिन जमा ने बसिया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम का गठन किया. नाबालिग छात्रा के शव का रिम्स अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया. इस दौरान पुलिस नाबालिग के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर जांच कर रही थी.
इसी बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस को यह जानकारी मिली कि मृतक नाबालिक छात्रा के साथ गैंगरेप नहीं किया गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। गैंगरेप की फर्जी कहानी सामने आने के बाद एसआईटी ने शक के आधार पर मृतक के पिता चैतू उरांव को हिरासत में लिया. उससे पूछताछ शुरू की गई. इस दौरान वो लगातार अपना बयान बदलता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी पिता टूट गया.
बेटी ने की थी बदतमीजी
आरोपी ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या और पुलिस व ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए फर्जी गैंगरेप की कहानी गढ़ने की बात को स्वीकार कर लिया. दरअसल 24 सितंबर की शाम नाबालिग छात्रा अपने मवेशियों को लेकर खेत से घर लौटी थी. वह घर में बैठी थी. इसी दौरान चैतू उरांव ने उसको घर के काम के लिए डांटा. इस पर नाबालिग ने बदतमीजी से बात करते हुए पिता को उल्टा जवाब दे दिया.
इसी बात से आवेश में आकर पिता ने अपनी नाबालिक बेटी की गर्दन को जोर से दबा दिया, जिस कारण उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई. गंभीर हालत में पहले बेटी को इलाज के लिए सिमडेगा ले जाया गया. फिर वहां से गुमला और बाद में रांची के रिम्स अस्पताल, जहां 26 सितंबर को नाबालिग की मौत हो गई. खुद को बचाने के लिए आरोपी पिता ने ग्रामीणों और पुलिस को गुमराह करने की तरकीब लगाई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बहुत अहम साबित हुई
आरोपी ने ग्रामीणों और पुलिस के सामने अज्ञात लोगों द्वारा नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप और बेहोश हालत में घर के बाहर छोड़कर जाने की फर्जी कहानी गढ़ी. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पूरी घटना का खुलासा करने में अहम कड़ी साबित हुई. अपनी ही नाबालिग बेटी की हत्या के आरोप में पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है.



