Jhansi Snake Bite: झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरदौलपुर मोहल्ले में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया. जिस कमरे में दो दिन पहले एक सांप निकला था और ग्रामीणों ने उसे मार दिया था, उसी कमरे में अब एक और जहरीला सांप घुस आया और सो रहे दो मासूम भाई-बहन को डस लिया. इस हादसे में सात वर्षीय मयंक की मौत हो गई, जबकि उसकी चार वर्षीय बहन प्रगति अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है. घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है. लोग इसे महज संयोग मान रहे हैं तो कुछ इसे सांप के जोड़े से जोड़कर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के बदला लेने जैसी बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.

रात तक सब कुछ सामान्य था

प्रदीप कुशवाहा फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं. घटना वाली रात घर में सब कुछ सामान्य था. सात वर्षीय मयंक दिनभर खेलने के बाद मां के हाथ का खाना खाकर सो गया था. चार साल की प्रगति भी परिवार के साथ हंसते-खेलते दिन बिताने के बाद मां के पास सो गई थी. तड़के करीब साढ़े तीन बजे प्रदीप रोज की तरह काम पर निकल गए. घर में पत्नी नेहा दोनों बच्चों के साथ कमरे में सो रही थीं. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह रात परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन जाएगी.

पहले बेटी चीखी, फिर बेटे की भी निकल गई दर्द भरी आवाज

कुछ देर बाद अचानक चार वर्षीय प्रगति दर्द से चीख उठी. उसकी आवाज सुनकर मां नेहा की नींद खुल गई. उन्होंने बेटी को उठाया तो वह दर्द से तड़प रही थी. मां अभी कुछ समझ ही रही थीं कि तभी बगल में सो रहा सात वर्षीय मयंक भी जोर-जोर से रोने लगा. कमरे में नजर दौड़ाई गई तो वहां एक जहरीला सांप दिखाई दिया. तब तक वह दोनों बच्चों को डस चुका था. घर में अफरा-तफरी मच गई. पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए और दोनों बच्चों को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया.

बेटे को नहीं बचा सके डॉक्टर

मेडिकल कॉलेज पहुंचने तक पूरा परिवार भगवान से बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहा था. मां नेहा दोनों बच्चों को सीने से लगाए लगातार डॉक्टरों से उन्हें बचाने की गुहार लगाती रहीं. लेकिन डॉक्टरों ने सात वर्षीय मयंक को मृत घोषित कर दिया. बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध होकर रोने लगीं. वहीं चार वर्षीय प्रगति को गंभीर हालत में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

अगर सांप पहले दिख जाता तो शायद बेटा बच जाता

मृतक बच्चे की मां नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका कहना है कि रात में किसी को भी इस बात का आभास नहीं हुआ कि कमरे में सांप घुस आया है. अगर समय रहते सांप दिखाई दे जाता तो शायद उनका बेटा आज जिंदा होता. अब उनकी हर प्रार्थना सिर्फ एक ही बात पर आकर रुक गई है-“भगवान… मेरा बेटा तो चला गया, अब मेरी बेटी को बचा लो.

दोनों ही थे परिवार की दुनिया, अब घर में पसरा है सन्नाटा

परिजनों के मुताबिक प्रदीप और नेहा के केवल यही दो बच्चे थे. अब बेटा हमेशा के लिए दुनिया छोड़ चुका है और बेटी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है. जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और मातम है. आंगन में पड़े खिलौने और स्कूल बैग अब परिवार के दर्द को और गहरा कर रहे हैं.

सांप सुराख में घुसा, अब तक नहीं मिला

मृतक के ताऊ हरचरण कुशवाहा ने बताया कि घटना के बाद सांप कुछ देर तक कमरे में दिखाई दिया, लेकिन फिर मकान के अंदर बने एक सुराख में घुस गया. काफी तलाश और खुदाई के बावजूद सांप का कोई पता नहीं चल सका है. इस वजह से परिवार के साथ-साथ पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बना हुआ है.

दो दिन पहले भी निकला था सांप

स्थानीय पार्षद सुशील कुमार कुशवाहा ने बताया कि दो-तीन दिन पहले भी इसी कमरे में एक सांप निकला था, जिसे ग्रामीणों ने मार दिया था. अब दोबारा उसी तरह का सांप निकलने के बाद लोग इसे सांप के जोड़े से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं. हालांकि, वन विभाग या किसी सरकारी एजेंसी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि दोनों सांप एक ही जोड़े के थे. विशेषज्ञ भी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि सांप के बदला लेने जैसी बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

करैत होने की आशंका, बेहद खतरनाक होता है इसका जहर

स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चों को जिस सांप ने काटा, वह संभवतः करैत था. करैत भारत के सबसे जहरीले सांपों में शामिल है. इसका विष सीधे तंत्रिका तंत्र पर असर करता है और कई बार शुरुआती समय में दर्द या सूजन भी नहीं होती, जिससे मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना और एंटी-स्नेक वेनम देना बेहद जरूरी होता है.