Himachal Se: Vaishali News: बिहार में एक बार फिर ज्योति मौर्य जैसा मामला गर्माया हुआ है. अपनी जमीन बेचकर और दिनरात फोटोग्राफी कर पत्नी को BPSC शिक्षिका बनाने वाले पति अमन कुमार ने अपनी पत्नी गुंजन कुमारी को उसके कथित प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया है. सोशल मीडिया पर इस हंगामे का वीडियो वायरल होने और 10 साल के मासूम बेटे द्वारा अपनी ही मां के खिलाफ गवाही देने के बाद यह मामला कानूनी चौखट पर पहुंच चुका है.

‘मम्मी बहुत बुरी है…’, मासूम बेटे की गवाही ने खोली मां की पोल, पति ने पाई-पाई जोड़कर बनाया था BPSC टीचर, उसी ने प्रेमी के लिए दे दिया धोखा​
‘मम्मी बहुत बुरी है…’, मासूम बेटे की गवाही ने खोली मां की पोल, पति ने पाई-पाई जोड़कर बनाया था BPSC टीचर, उसी ने प्रेमी के लिए दे दिया धोखा​

यह मामला बिहार के वैशाली और सुपौल जिले से जुड़ा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पीड़ित पति अमन कुमार के अनुसार, साल 2013 में उनकी शादी गुंजन कुमारी से हुई थी. शादी के समय गुंजन सिर्फ इंटरमीडिएट पास थी. अमन ने तंगी के बावजूद अपनी पैतृक जमीन बेचकर और फोटोग्राफी कर पत्नी को ग्रेजुएशन और B.Ed करवाया. वर्ष 2023 के दिसंबर में गुंजन का चयन BPSC TRE2 में 6वीं से 8वीं कक्षा की शिक्षिका के रूप में हो गया.

पति का आरोप है कि सुपौल के हिंदीगढ़ी स्कूल में पोस्टिंग के बाद गुंजन का अफेयर उसके पुराने कॉलेज मित्र प्रकाश से शुरू हो गया. जनवरी 2025 में गुंजन ने सहेलियों के साथ दार्जिलिंग जाने का झूठ बोलकर प्रेमी के साथ ट्रिप प्लान किया. 25 मई 2026 को पति ने दोनों को हाजीपुर के लिच्छवि नगर में एक कमरे में रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा. इस दौरान 10 साल के बेटे ने भी पिता का साथ देते हुए मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

बेटा बोला मम्मी बुरी है, उनके साथ नहीं जाऊंगा

बच्चे ने पिता के सामने मां पर गंभीर आरोप लगाए. बच्चे ने कहा मम्मी के पास एक अंकल आते थे. मम्मी कहती थीं कि अगर कोई पूछे तो उन्हें मामा बताना. मम्मी मुझे नीचे भेज देती थीं और खुद ऊपर रहती थीं. बच्चे ने यह भी कहा कि अब अपनी मां के साथ नहीं रहना चाहता.

मामला पहुंचा कोर्ट, जांच की मांग

पतिपत्नी के बीच का विवाद न्यायालय तक पहुंच चुका है. अमन कुमार का कहना है कि उन्होंने अदालत में अपने दावों से जुड़े सबूत पेश किए हैं. वहीं, दूसरी ओर पत्नी की ओर से अब तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले को लेकर इलाके में तरहतरह की चर्चाएं हो रही हैं.

पत्नी के विवाहेतर संबंध होने पर पति कानूनी कदम कैसे उठाएं?

  • क्रूरता के आधार पर तलाक: हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत, मानसिक क्रूरता को तलाक का मजबूत आधार माना गया है. पत्नी का किसी गैरपुरुष के साथ रहना या संबंध रखना पति के लिए गंभीर मानसिक क्रूरता है.
  • धारा 13 के तहत व्यभिचार : हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 497 को निरस्त कर दिया है, लेकिन अडल्ट्री आज भी सिविल कानून के तहत तलाक का एक बेहद मजबूत और वैध आधार है.
  • बच्चे की कस्टडी: गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट, 1890 के तहत, यदि कोर्ट को लगता है कि मां का आचरण बच्चे के नैतिक और मानसिक विकास के लिए सही नहीं है , तो कोर्ट बच्चे की कस्टडी पिता को सौंप सकता है.

डिजिटल साक्ष्यों को कोर्ट में कैसे साबित करें?

इस मामले में पति अमन कुमार ने वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत होने का दावा किया है. अदालत में ऐसे डिजिटल साक्ष्यों को मान्य बनाने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम के कड़े नियम हैं:

धारा 65B का सर्टिफिकेट : किसी भी मोबाइल वीडियो, स्क्रीनशॉट या ऑडियो रिकॉर्डिंग को कोर्ट में पेश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का प्रामाणिकता प्रमाण पत्र अनिवार्य है.

बिना छेड़छाड़ मूल उपकरण: जिस मोबाइल या कैमरे से वीडियो बनाया गया है, उसे फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखना होता है ताकि यह साबित हो सके कि साक्ष्य के साथ कोई डॉक्टरिंग या एडिटिंग नहीं की गई है.

BPSC शिक्षिका विवाद टाइमलाइन

  • 2013: अमन और गुंजन की शादी
  • 2016: बेटे का जन्म
  • 2022: अमन ने पढ़ाई के लिए डेढ़ कट्ठा पैतृक जमीन बेची
  • दिसंबर 2023: गुंजन का BPSC TRE2 में शिक्षिका के रूप में चयन
  • 2024: सुपौल में पोस्टिंग और कथित प्रेमी प्रकाश से अफेयर की शुरुआत
  • 25 मई 2026: पति ने हाजीपुर के किराए के मकान में रंगे हाथों पकड़ा, पुलिस केस दर्ज

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न1: क्या पत्नी के अडल्ट्री में होने पर भी पति को गुजारा भत्ता देना होगा?

उत्तर: दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत स्पष्ट प्रावधान है कि यदि पत्नी बिना किसी उचित कारण के पति से अलग रह रही है या वह व्यभिचार की स्थिति में रह रही है, तो वह पति से भरणपोषण पाने की हकदार नहीं है.

प्रश्न2: इस मामले में 10 साल के बच्चे के बयान की कानूनी अहमियत क्या है?

उत्तर: कोर्ट कस्टडी के मामलों में बच्चे की काउंसलिंग करता है. यदि बच्चा समझदार है और वह स्वेच्छा से किसी एक मातापिता के साथ रहने की इच्छा जताता है या किसी के गलत आचरण की गवाही देता है, तो अदालत बच्चे के कल्याण को सर्वोपरि मानते हुए फैसला करती है.

प्रश्न3: क्या पति पत्नी के प्रेमी के खिलाफ केस दर्ज करा सकता है?

उत्तर: चूंकि एडुलट्री अब आपराधिक कृत्य नहीं है, इसलिए प्रेमी को सीधे जेल नहीं भेजा जा सकता, लेकिन पति अपनी पत्नी से तलाक के केस के दौरान कथित प्रेमी को सहप्रतिवादी बना सकता है और मानहानि व मानसिक प्रताड़ना के एवज में हर्जाने की मांग कर सकता है.