Himachal Se: Mrityu Panchak 2026: आज यानी 6 जून को शाम 7 बजकर 4 मिनट से पंचक शुरू हो गया है, जो कि 11 जून 2026 को समाप्त होगा। जब पंचक की शुरुआत शनिवार के दिन से होती है तो उसे मृत्यु पंचक कहा जाता है। मृत्यु पंचक को बहुत ही ज्यादा अशुभ, कष्टकारी और खतरनाक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मान्यता है कि मृत्यु पंचक के 5 दिनों में की गई छोटी सी लापरवाही भी बड़े संकट या भारी आर्थिकशारीरिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए दौरान इन कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है। तो यहां जानिए कि मृत्यु पंचक के दौरान कौनसे काम नहीं करने चाहिए।

मृत्यु पंचक के दौरान भूलकर भी न करें ये काम
-
दक्षिण दिशा की यात्रा: मृत्यु पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा जितना संभव हो टालें। इस दिशा यमराज की दिशा कहा जाता है।
-
लकड़ी इकट्ठा करना: पंचक के दौरान न लकड़ी इकट्ठा नहीं करनी चाहिए। पंचक में इसे घर लाना अशुभ माना जाता है।
-
घर की छत डलवाना: मृत्यु पंचक के दौरान घर की छत नहीं डलवाना चाहिए। ऐसा करने से धन हानि और गृहक्लेश की आशंका बनी रहती है।
-
चारपाई बनवाना: पंचक के दौरान चारपाई बुनवाना और नया बेड खरीदने की मनाही होती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पंचक में ऐसा करने से घर में रोग और संकट का वास होता है।
-
अंतिम संस्कार नियम: पंचक में यदि किसी की मृत्यु हो गई है तो उसके अंतिम संस्कार ठीक ढंग से न किया गया तो पंचक दोष लग सकते है। गरुड पुराण के अनुसार अगर अंतिम संस्कार करना है तो किसी विद्वान पंडित से सलाह लेनी चाहिए और साथ में जब अंतिम संस्कार कर रहे हो तो शव के साथ आटे या कुश के बनाए हुए पांच पुतले बना कर अर्थी के साथ रखें। और इसके बाद शव की तरह ही इन पुतलों का भी अंतिम संस्कार विधिविधान से करें।


