Nepal Floods Update: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में अब तक 1243 लोगों की मौत हो चुकी हैं। हर दिन जी को झंकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही है। कुछ ऐसी ही तस्वीर बीते दिन सामने आई।

जब नुवाकोट के देविघाट में नदी किनारे बने बुजुर्ग देखभाल केंद्र की ग्राउंड फ्लोर पर वह अपने कमरे में थीं। जहां रेस्क्यू की गई एक 97 साल की महिला का एक ही सवाल है पानी ने मुझे क्यों मारा।
नेपाल संकट में भारत ने भेजी 5वीं स्पेशल फ्लाइट
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। ने जानकारी दी कि भारत ने 11 सदस्यीय विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम और 5.5 टन आवश्यक दवाओं के साथ 5वां राहत विमान नेपाल रवाना किया है। नेपाल में बाढ़ के कारण अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसे देखते हुए की टनल रेस्क्यू टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल सेना के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों में जुटे हैं। इस संकट के बीच अब तक 163 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। भारत आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के तहत नेपाल को लगातार हर संभव मदद दे रहा है।
लो फ्लोर तक पहुंचा था पानी
बाढ़ का पानी इस देखभाल केंद्र के ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचा और गुना माया को बहाकर एक किनारे तक ले आया। जहां पानी का बहाव कम था। वे 4 घंटे मलबे में दबी रही। उनके रिश्तेदार भी JCB लेकर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू में सेना और पुलिस की मदद की। अभी फिलहाल गुना माया को काठमांडू के बीर अस्पताल में इलाज के भर्ती कराया गया है। जब से उनका रेस्क्यू हुआ है बहुत बहुत कम बोलती हैं और बारबार एक ही सवाल पूछती हैं “पानी ने मुझे क्यों मारा?”
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से आई थी बाढ़
आपको बता दें 26 अगस्त को तिब्बत में टूटने के बाद नेपाल के कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ। इस आपदा में मौत का आंकड़ा 1127 हजार के पार हो चुका है।
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खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
नेपाल में राहत और खोज अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती खराब है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है। मलबे में दबे लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
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