उत्तर प्रदेश में अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर जांच की मांग वाली याचिका पर हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में अर्जेंट हियरिंग की मांग स्वीकार नहीं की. हाई कोर्ट ने कहा कि अभी इसकी जरूरत नहीं है. याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने कोर्ट से कोर्ट मॉनिटरिंग में समयबद्ध जांच और पूरे मामले का स्वतंत्र ऑडिट कराने की अपील की है.

बताया जा रहा है कि इस याचिका में राम मंदिर में आए नकद दान, सोनाचांदी और अन्य चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग की गई थी. मोहित अशोक की याचिका पर सुनवाई करते हुए, जस्टिस पंकज भाटिया और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की वेकेशन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि कोर्ट में पहले से ही बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं. बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है; इसलिए, इस चरण पर तत्काल सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है.
याचिकाकर्ता ने की थी स्वतंत्र जांच की मांग
याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने अयोध्या में राम मंदिर को दिए गए दान में कथित अनियमितताओं और चोरी की स्वतंत्र जांच की मांग की थी. इसके अलावा, उन्होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से इस मामले की ऑडिट कराने का अनुरोध किया. याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया कि वह मंदिर ट्रस्ट द्वारा दान कोष के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करें.



