Himachal Se: गर्मियों के मौसम में ऐसे भोजन का सेवन करने की सलाह दी जाती है, जो हल्का, ठंडक पहुंचाने वाला और पाचन के लिए आसान हो। इस दौरान पाचन तंत्र धीमा काम करता है, ऐसे में तेज गर्मी में ज्यादा तलाभुना और भारी खाना खाने से पेट में गैस, सूजन और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। भारतीय घरों में पुराने समय से ही लोग कई पारंपरिक भोजन बनाते आ रहे हैं जो गर्मी के मौसम में पेट को ठंडा रखने के साथ ही शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। इन्हीं में से एक है मट्ठे वाले आलू की सब्जी।

भारत में कई जगहों पर लोग गर्मी के मौसम में लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए मट्ठे और आलू से बनाई जाने वाली सब्जी का भी खूब सेवन करते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। छाछ शरीर को ठंडक देने के साथ ही पाचन को भी बेहतर बनाने में भी मदद करती है। ऐसे में आइए जानते हैं मट्ठे वाली आलू की सब्जी बनाने का आसान तरीका क्या है। बता दें कि इसमें उबले हुए आलू को हल्के मसालों और छाछ की ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
सामग्री
3 मध्यम आकार के उबले हुए आलू
1.5 कप ताजा मट्ठा
1 बड़ा चम्मच बेसन
1 छोटा चम्मच जीरा
1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
12 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
नमक स्वादानुसार
1 छोटा चम्मच सरसों का तेल या घी
ऊपर से डालने के लिए हरा धनिया
घर पर मट्ठे की आलू वाली सब्जी बनाने की विधि
सबसे पहले एक बाउल में मट्ठा और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि इसमें कोई गांठ न रहे। अगर मिश्रण गाढ़ा लग रहा है, तो इसमें थोड़ा मट्ठा या फिर पानी मिलाकर पतला कर लें। अब एक कड़ाही या पैन में तेल या घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। जीरा चटकने के बाद इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक भून लें।
इसके बाद हल्दी पाउडर डालें और उबले हुए आलू मिलाकर हल्के हाथों से चलाएं। अब तैयार मट्ठे का मिश्रण डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाते रहें, ताकि मट्ठा फटे नहीं। इसे 5 से 7 मिनट पकाएं, जब तक ग्रेवी हल्की गाढ़ी न हो जाए। अब स्वादानुसार नमक डालें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजा दे।
परोसने का सही तरीका
यह हल्की और स्वादिष्ट सब्जी सादे चावल, जीरा राइस या गरमागरम रोटी के साथ परोस सकते हैं। इसे खीरा सलाद या लौकी की सब्जी के साथ भी परोस सकते हैं। दोपहर के खाने के लिए यह बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। क्योंकि यह पेट भरने के साथ ही आसानी से पच भी जाता है।



