Himachal Se: Lal Kitab Ke 3 Niyam: कई बार ऐसा होता है कि कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी व्यक्ति आर्थिक तंगी से जूझता रहता है। न तो कमाई बढ़ती है और न ही खर्चों पर नियंत्रण रह पाता है। ऐसे में इंसान मानसिक रूप से भी परेशान हो जाता है और सोचता है कि आखिर गलती कहां हो रही है।

Lal Kitab Upay: लाल किताब के इन 3 नियमों का पालन करके देखिए, दूर हो जाएगी कंगाली​
Lal Kitab Upay: लाल किताब के इन 3 नियमों का पालन करके देखिए, दूर हो जाएगी कंगाली​

इन समस्याओं से निजात पाने के लिए ज्योतिष और लाल किताब में कुछ खास उपाय बताए गए है। इन उपायों को सही तरीके से और पूरी श्रद्धा से किया जाए, तो मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में हमेशा धन का प्रवाह बना रहता है।

लाल किताब के 3 उपाय किस्मत बदल सकती है

  • सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हमेशा दिन के समय यानी सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच में ही करने चाहिए। रात के समय किए गए उपाय फलदायी नहीं माने जाते और कई बार इनका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

  • एक दिन में एक ही उपाय करें

एक दिन में केवल एक ही उपाय करना चाहिए। जब तक एक उपाय पूरा न हो जाए, तब तक किसी दूसरे नए उपाय को उसके साथ न करें।

  • लगातार करें

यदि कोई उपाय लगातार 40 या 43 दिनों तक करने के लिए कहा गया है, तो उसे बिना किसी ब्रेक या नागा के लगातार करें।यदि 43 दिनों के बीच में कोई उपाय एक भी दिन छूट जाता है, तो वह उपाय खंडित माना जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में आपको वह उपाय दोबारा नए सिरे से से शुरू करना चाहिए।

  • तामसिक भोजन न  करें

यदि आप लाल किताब का कोई टोटका या उपाय आजमा रहे हैं, तो उपाय के दौरान पूरी तरह सात्विक रहें। तामसिक भोजन, मांस, मदिरा के सेवन से दूर रहें और

  • साफसफाई का ध्यान रखें

लाल किताब के उपायों के दिनों में घर में साफसफाई का विशेष ध्यान रखें। गंदगी होने पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है।

  • किसी से बदला लेने की भावना न रखें

यदि आप लाल किताब का कोई टोटका या उपाय आजमा रहे हैं, तो कभी भी किसी व्यक्ति का अहित करने या किसी से बदला लेने की भावना से लाल किताब के उपाय कभी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर आपका खुद का नुकसान भी हो सकता है।

  • सूतक या पातक न करें

अगर घर में किसी बच्चे का जन्म हुआ है या परिवार में किसी की मृत्यु हुई है, तो ऐसी स्थिति में 40 दिनों तक कोई भी उपाय नहीं करना चाहिए। यदि किसी कारणवश मुख्य व्यक्ति यानी जिसके लिए उपाय किया जाना है, वह खुद उपाय करने में असमर्थ है या बीमार है, तो उसके खून के रिश्ते वाले व्यक्ति जैसे भाई, बहन, माता या पिता उसकी जगह पर वह उपाय कर सकते हैं।