भारतीय नौसेना के कारवार बेस को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने शनिवार को प्रोजेक्ट सीबर्ड के फेज2A के तहत बनी नई आवासीय और बुनियादी सुविधाओं का उद्घाटन किया. इस दौरान प्रोजेक्ट सीबर्ड के महानिदेशक वाइस एडमिरल विवेक दहिया समेत नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

कारवार नेवल बेस के अमादल्ली और मंजिल क्रीक के पूर्वी हिस्से में बनाई गई इन सुविधाओं में वरिष्ठ नौसैनिकों के परिवारों के लिए 60 आवास, रक्षा विभाग के नागरिक कर्मचारियों के लिए 60 आवास और डिफेंस सिक्योरिटी कोर के 156 जवानों के रहने की व्यवस्था शामिल है इसके अलावा बच्चों के लिए एक किंडरगार्टन स्कूल भी बनाया गया है.

युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती होगी आसान

प्रोजेक्ट सीबर्ड का फेज2A कारवार में नौसेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने की योजना का हिस्सा है. इसके तहत नौसैनिक अड्डे पर युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. योजना में आधुनिक नौसैनिक डॉकयार्ड, नौसैनिक एयर स्टेशन और जहाजों व विमानों के लिए लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित करना भी शामिल है.

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

कारवार नौसैनिक अड्डे पर परिवारों सहित करीब 10 हजार सैन्य और नागरिक कर्मियों के रहने की व्यवस्था विकसित की जा रही है. इससे उत्तर कन्नड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

90 फीसदी से ज्यादा सामान स्वदेशी

प्रोजेक्ट सीबर्ड में आत्मनिर्भर भारत पर भी जोर दिया गया है. इसके तहत 90 फीसदी से ज्यादा सामग्री और उपकरण घरेलू स्रोतों से लिए जा रहे हैं. परियोजना में पर्यावरण से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है और पूरा होने पर इसे इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की गोल्ड रेटिंग के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य है.

प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत विकसित हो रहा कारवार नौसैनिक अड्डा भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पश्चिमी समुद्री तट पर युद्धपोतों और पनडुब्बियों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और मजबूत होगा.