
Baghpat News: बागपत l मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती है. आए दिन इस योजना से जुड़े अजीबोगरीब मामले सामने आते रहते हैं, जो लोगों को हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तरप्रदेश के बागपत से सामने आया है. एक महिला गोद में बच्चा लेकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अधिकारियों के पास पहुंच गयी और देवर से शादी कराने की बात कही.
क्या है पूरा मामला
पूरा मामला बागपत के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जुड़ा है. जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस बार कुल 220 जोड़ों ने शादी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. जिसमे से जांच के बाद 149 जोड़ों की शादी 25 अक्टूबर को कराई गयी थी. जबकि अन्य आवेदन रद्द कर दिए गए थे.
महिला ने देवर से की शादी की मांग
जब निरस्त किये गए इन आवेदनों की जांच की गयी तो कई तरह गड़बड़ियां मिली. उनमे से एक मामला ऐसा सामने आया जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया. दरअसल एक महिला अपने गोद में बच्चे लेकर अधिकारियों के पास गयी थी. साथ में उसका मौजूदा पति भी था.
पति पत्नी दोनों का हुआ तलाक
महिला न कहा उसे पति नहीं, देवर पसंद है. वह देवर के साथ शादी करना चाहती है. जब अधिकारियों ने महिला से पूछा कि पहले से शादीशुदा होने के बावजूद वह दूसरी शादी कैसे कर सकती है. तो उसपर महिला ने कहा, पति से उसका तलाक हो चूका है. गांव में पंचायत बैठी थी और उन्होंने ही पति पत्नी दोनों का तलाक करा दिया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सबुत के तौर पर उसने सादे कागज को दिखाया जिसमे पंचायत ने अपना फैसला लिखा था.
अधिकारियों ने रद्द किया आवेदन
हैरान करने वाली बात तो यह थी पति भी पत्नी का समर्थन कर रहा था. पति ने कहा, उसे मैं नहीं, बल्कि मेरा छोटा भाई पसंद है. हमारा तलाक हो गया है. हालांकि तलाक के कोई कानूनी कागजात न होने के कारण महिला का आवेदन रद्द कर दिया गया. जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान ने बताया कि तलाक के कानूनी दस्तावेज नहीं लगाने से आवेदन निरस्त हुआ है.



