गौतम अदाणी के वकीलों ने अमेरिकी जज से उनके खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों को खारिज करने का अनुरोध किया है, क्योंकि अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले में मुकदमा न चलाने का फैसला किया है।

भारत के मशहूर उद्योगपति, गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में लगे क्रिमिनल चार्जेस को खारिज करने के लिए, उनके वकीलों ने 24 जून, बुधवार को अमेरिकी जज से आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया है। यह कदम जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा पिछले महीने यह कहे जाने के बाद उठाया गया है कि वह अब इस मामले में मुकदमा नहीं चलाएगा।
दरअसल, 2024 में गौतम अदाणी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने पर सहमति जताई थी ताकि उनके ग्रुप की एक सब्सिडियरी कंपनी को सोलर प्लांट बनाने की मंज़ूरी मिल सके।
अदाणी के वकील ने जज से क्या कहा?
“ब्रुकलिन में मौजूद अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गारौफिस को लिखे एक लेटर में, गौतम अदाणी के वकील रॉबर्ट जिउफ्रा ने लिखा कि इस मामले को खारिज कर दिया जाना चाहिए क्योंकि यह अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर है और अभियोजन पक्ष भारत में कथित रिश्वतखोरी को साबित नहीं कर पाएगा।
वकील ने जज से यह आग्रह भी किया कि वे U.S. सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन द्वारा लगाए गए सिविल आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज कर दें। यह आग्रह तब किया गया जब रेगुलेटर एक सेटलमेंट पर पहुंचा, जिसके तहत गौतम अदाणी $6 मिलियन और उनके भतीजे सागर अदाणी $12 मिलियन का भुगतान करेंगे। वहीं, अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर अलग से सहमति जताई है।
बता दें कि अमेरिका में हुए इस प्रकरण को लेकर अदाणी समूह ने शुरुआत से गलत काम करने से इनकार किया है। 24 जून को अदाणी ग्रुप की एजीएम में गौतम अदाणी ने कंपनी की ग्रोथ और विजन के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हमारे लिए यह तरक्की आसान हालात में नहीं हुई। यह बहुत अधिक जांचपड़ताल के बीच हुई। फिर भी, हम झुके नहीं। हम रुके नहीं।”



