Himachal Se: हार्ट से जुड़ी समस्याओं में सही एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी माना जाता है। नियमित शारीरिक गतिविधि न सिर्फ दिल को मजबूत बनाने में मदद करती है, बल्कि शरीर को अन्य कई फायदे मिलते हैं। सही तरीके और सावधानी के साथ की गई एक्सरसाइज दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

दिल की सेहत के लिए एक्सरसाइज़ क्यों ज़रूरी है?
American Heart Association के अनुसार, लगातार शारीरिक गतिविधि से हाई ब्लड प्रेशर कम होता है। खून का बहाव और नसों का काम बेहतर होता है। गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जबकि बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है। वज़न और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मूड, एनर्जी लेवल और नींद बेहतर होती है
हार्ट के मरीज कौन से वर्कआउट करें?
-
ब्रिस्क वॉक: ब्रिस्क वॉक दिल की सेहत के लिए सबसे फायदेमंद वर्कआउट में से एक है। इसमें जोड़ों पर ज़्यादा ज़ोर नहीं पड़ता। ब्रिस्क वॉक खून के बहाव और दिल की धड़कन को ठीक रखता है। इसे करने के लिए जिम जाने की ज़रूरत नहीं है। शुरुआत में, हर बार 1015 मिनट तक नॉर्मल गति से चलें। धीरेधीरे इसे बढ़ाकर 30 मिनट तक ले जाएँ।
-
साइकिलिंग: साइकिलिंग करने से जोड़ों पर कम ज़ोर पड़ता है और साथ ही दिल को भी फायदे मिलते हैं। फिटनेस वॉच के माध्यम से आप दिल की धड़कन को आसानी से मॉनिटर कर सकते हैं।। गठिया या संतुलन की समस्या वाले मरीज़ों के लिए यह सबसे बेस्ट वर्कआउट है।
-
तैराकी: तैराकी यानी की स्विमिंगदिल के मरीजों के लिए सुरक्षित, लोइम्पैक्ट वाली एक बेहतरीन एरोबिक एक्सरसाइज़ है। पानी का उछाल शरीर के वजन को संभाल लेता है, जिससे हृदय और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना कार्डियोवस्कुलर फिटनेस में सुधार होता है। पानी में तैरने से खून का बहाव बेहतर होता है और सूजन कम होती है।
-
योग: योग आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन वर्कआउट है। नियमित योगाभ्यास से रक्त वाहिकाओं में लचीलापन बढ़ता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह हृदय की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है और आराम की स्थिति में हृदय गति को स्थिर रखता है।



