आजकल बड़े शहरों में नौकरी करने वाले कई लोग नया फर्नीचर या महंगे घरेलू उपकरण खरीदने के बजाय उन्हें किराए पर लेना पसंद करते हैं. टीवी, फ्रिज से लेकर सोफे तक, सब कुछ आसानी से रेंट पर मिल जाता है. इसी जरूरत को एक बड़े बिजनेस मॉडल में बदलने वाली ऑनलाइन रेंटल और सब्सक्रिप्शन कंपनी में से एक रेंटोमोजो अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. बाजार नियामक संस्था सेबी ने इस कंपनी को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ लाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है.

आईपीओ का आकार, शेयरों का गणित
कंपनी की तरफ से जमा किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, इस आईपीओ में मुख्य रूप से दो हिस्से होंगे. पहला, कंपनी 150 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी. वहीं दूसरा हिस्सा ऑफर फॉर सेल का होगा, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक अपने 2.84 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में बेचेंगे. इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत इसी साल 1 अप्रैल को हुई थी, जब कंपनी ने सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे. अब 6 जुलाई को सेबी की तरफ से आईपीओ लाने का ग्रीन सिग्नल मिल गया है.
पैसे का क्या करेगी कंपनी?
किसी भी निवेशक के मन में यह सवाल जरूर आता है कि कंपनी बाजार से जो पैसा उठाएगी, उसका क्या करेगी. ड्राफ्ट पेपर में इसका साफ जवाब दिया गया है. रेंटोमोजो इस फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने पुराने कर्जों को चुकाने में लगाएगी. इसके अलावा, कंपनी के देशभर में फैले वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लीज रेंटल या लाइसेंस फीस का भुगतान भी इसी पैसे से किया जाएगा. बची हुई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट कामकाज को बेहतर बनाने के लिए होगा.
Rentomojo का कारोबार कितना बड़ा?
रेंटोमोजो आम लोगों तक फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान पहुंचाने वाला एक टेक्नोलॉजी आधारित सीधाग्राहक प्लेटफॉर्म है. 30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी का नेटवर्क देश के 22 शहरों तक फैल चुका है. फिलहाल इसके 2.28 लाख से ज्यादा एक्टिव सब्सक्राइबर हैं जो नियमित रूप से इसकी सेवाएं ले रहे हैं. ग्राहकों की डिमांड पूरी करने के लिए कंपनी के पास 21 बड़े वेयरहाउस हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 4.44 लाख वर्ग फीट है. साथ ही, कंपनी 67 एक्सपीरियंस स्टोर भी संचालित करती है. इसके पास 7 लाख 28 हजार से ज्यादा एक्टिव उत्पादों का बड़ा पोर्टफोलियो मौजूद है.
कमाई के मोर्चे पर कंपनी का क्या है हाल?
निवेश करने से पहले कंपनी का मुनाफा देखना सबसे जरूरी होता है. 30 सितंबर 2025 को खत्म हुई छमाही में कंपनी ने अपने कामकाज से 176.61 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है, जबकि टैक्स चुकाने के बाद इसका शुद्ध मुनाफा 61.38 करोड़ रुपये रहा है. इससे पहले, वित्त वर्ष 202425 में कंपनी का कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू 265.96 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था, तब टैक्स के बाद का मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये था. बता दें इस आईपीओ को बाजार में सफलता से उतारने की जिम्मेदारी मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज को दी गई है. ये तीनों दिग्गज कंपनियां इस इश्यू के बुकरनिंग लीड मैनेजर के तौर पर काम कर रही हैं.



