Sambhal, Uttar Pradesh: संभल में प्रेमी के चक्कर में पति के ऊपर तेजाब डालने वाली महिला कहकशां को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा और 1,76,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है.

यूपी के संभल थाना क्षेत्र में साल 2025 में एक दिल दहला देने वाली खौफनाक घटना हुई थी, जब एक पत्नी अपने प्रेमी के चक्कर में निर्दयता की सारी सीमा पार करने को तैयार थी.
कहकशां नाम की इस महिला ने अपने पति पर तेजाब फेंक दिया था, जिसमें उसकी दोनों आंखें चली गयी थीं. इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 सुनवाई के बाद ही महिला को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था. फार्स्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को अंतिम निर्णय सुनाते हुए दोषी महिला को आजीवन कारावास और 1,76,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है.
पति करता था इंवर्टर बैटरी का काम
कहकशां की ननद वादिनी नाजुक ने 24 मार्च 2025 को एक प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को दिया था. इस प्रार्थना पत्र के अनुसार उसके भाई मुजफ्फर अली काफी समय से मोहल्ला बदायूं दरवाजा निकट बुलबुली वाली मस्जिद थाना संभल में रह रहे थे. उनका भाई वहां इंवर्टर बैटरी का काम करता है और उनके दो बच्चे हैं. भाई की पत्नी कहकशां अक्सर उनसे लड़ाई झगड़ा करती रहती थी और गलत प्रवृत्ति में पड़ गई थी. उसने आरोप लगाया कि भाई की पत्नी हमेशा तलाक मांगती थी और कहकशां के परिवार के लोग भी इसमें उसका साथ देते थे.
उन लोगों ने कई बार मुजफ्फर अली को जान से मारने की धमकी भी दी थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार 6 मार्च 2025 को रात के खाने में मुजफ्फर अली को नशीला पदार्थ डाल कर खाना खिला दिया गया था. अगले दिन 7 मार्च को सुबह छह बजे जब उनके भाई की आँख खुली तो उस समय उसकी पत्नी कहकशां किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ घर में थी. उसके उठते ही अज्ञात व्यक्ति भाग गया. कहकशां ने घर में बाल्टी रखा तेजाब मुजफ्फर अली के चेहरे पर जान से मारने की नीयत से फेंक दिया, जिसके बाद उसका चेहरा और आधा शरीर बुरी तरह झुलस गया साथ ही दोनों आंखें भी चली गईं.
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट पीठासीन अधिकारी गोपाल जी के न्यायालय में चल रही थी. एडीजीसी नरेंद्र कुमार यादव ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं थीं जिसके बाद न्यायालय ने 27 मई को आरोपी कहकशां को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था और एक जून दिन सोमवार को अंतिम निर्णय सुनाए जाने की तिथि निर्धारित की. सोमवार को न्यायालय ने दोषी कहकशां को आजीवन कारावास और 1,76000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया. कोर्ट के आदेश के अनुसार अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़ित मुजफ्फर अली को प्रदान की जाएगी.



