Yoga Asana By Kareena Kapoor Trainer: नियमित योगासन और सही भोजन को अपनाकर आप अपने शरीर को टोन कर सकते हैं और मोटापे की समस्या से निजात पा सकते हैं। शुरुआती दिनों में हल्के योगासन से शुरुआत करें और धीरेधीरे समय और इंटेंसिटी को बढ़ाएं।

इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे आसान और प्रभावी योगासन बताएंगे, जिन्हें रोजाना करने से आपका पेट फ्लैट हो सकता है। ये योगासन करीना कपूर की ट्रेनर अंशुका परवानी द्वारा बताए गए हैं।

बेली फैट रातोंरात कम नहीं होता है, इसके लिए कड़ी मेहनत, पक्का इरादा, अनुशासन और लगातार कोशिश की जरूरत होती है। पेट पर फैट जमा होने का मतलब है कि या तो आप सही खाना नहीं खा रहे हैं या फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर रहे हैं या फिर आपकी लाइफ़स्टाइल अच्छी नहीं है। करीना कपूर खान और आलिया भट्ट से लेकर मलाइका अरोड़ा और रकुल प्रीत सिंह तक, सभी ने फिटनेस के लिए योगा को चुना है।

पेट की चर्बी कम करने में मदद कर सकते हैं ये 5 योगासन

  • नौकासन

का आकार नाव की तरह होता है। यह योगासन पेट की मांसपेशियों को प्रभावित करता है और एब्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ ही, यह पेट के आसपास रक्त और ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाता है।

नौकासन

  • नौकासन करने का तरीका

  • सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • दोनों पैरों को आपस में मिलाकर रखें और हाथों को शरीर के बगल में रखें।
  • गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरेधीरे छाती और पैरों को ऊपर उठाएं।
  • दोनों हाथों को पैरों की ओर सीधा फैलाएं, ताकि आंखें, उंगलियां और पैर की उंगलियां एक सीध में रहें।
  • इस दौरान पेट की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होगा।
  • सामान्य गति से सांस लेते हुए कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।
  • फिर सांस छोड़ते हुए धीरेधीरे प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।
  • इस आसन के 34 राउंड प्रतिदिन किए जा सकते हैं।
  • चतुरंग दंडासन

चतुरंग दंडासन को फोरलिंब्ड स्टाफ पोज भी कहा जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह लो प्लैंक का एक रूप है, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथसाथ पेट की मांसपेशियों को टोन करने में मदद कर सकता है।

चतुरंग दंडासन

चतुरंग दंडासन करने का तरीका

  • सबसे पहले वज्रासन में बैठें।
  • अब हाथों के सहारे आगे बढ़ते हुए प्लैंक पोज में आएं।
  • हथेलियां कंधों के ठीक नीचे रखें।
  • पैरों को सीधा रखें और पंजों के बल शरीर को संतुलित करें।
  • सांस छोड़ते हुए कोहनियों को मोड़ें और शरीर को नीचे लाएं, जब तक कंधे और कोहनियां एक सीध में न आ जाएं।
  • फिर धीरेधीरे वापस प्लैंक पोज में लौटें।
  • इसके बाद वज्रासन में आकर आराम करें।
  • इस आसन को अपनी क्षमता के अनुसार दोहराएं।
  • वशिष्ठासन

वशिष्ठासन या साइड प्लैंक पोज और ताकत बढ़ाने वाला योगासन है। इसमें पूरे शरीर का भार एक हाथ और एक पैर पर संतुलित किया जाता है। यह आसन पेट और कमर की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करता है।

वशिष्ठासन

वशिष्ठासन करने का तरीका

  • सबसे पहले अधोमुख श्वानासन में आएं।
  • फिर प्लैंक पोज में आ जाएं।
  • अब शरीर को दाईं ओर मोड़ें और बाएं पैर को दाएं पैर के ऊपर रखें।
  • दाहिने हाथ और पैर के सहारे शरीर को संतुलित करें।
  • बाएं हाथ को ऊपर की ओर सीधा उठाएं।
  • शरीर को सिर से एड़ी तक एक सीधी रेखा में रखें।
  • ऊपर उठे हुए हाथ की ओर देखें।
  • कुछ सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए इस मुद्रा में रहें।
  • फिर दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
  • पार्श्व ऊर्ध्व हस्तासन

पार्श्व ऊर्ध्व हस्तासन को स्टैंडिंग हाफ मून पोज भी कहा जाता है। यह कमर के दोनों ओर जमा अतिरिक्त फैट पर काम करने और शरीर का संतुलन बेहतर बनाने में मदद करता है।

योगा

पार्श्व ऊर्ध्व हस्तासन करने का तरीका

  • ताड़ासन में सीधे खड़े हो जाएं।
  • सामान्य गति से कुछ देर सांस लें।
  • अब गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और नमस्कार मुद्रा बनाएं।
  • रीढ़ को सीधा रखते हुए धीरेधीरे शरीर को दाईं ओर झुकाएं।
  • कुछ सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें।
  • फिर सांस लेते हुए वापस बीच में आएं।
  • अब यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएं।
  • पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन को गैस रिलीज पोज भी कहा जाता है। यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करने के साथसाथ गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार माना जाता है।

पवन मुक्तासन

पवनमुक्तासन करने का तरीका

  • सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • दोनों पैरों को साथ रखें और हाथों को शरीर के पास रखें।
  • गहरी सांस लें।
  • सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को छाती की ओर लाएं।
  • जांघों को पेट पर हल्के दबाव के साथ रखें।
  • दोनों हाथों से पैरों को पकड़कर घुटनों को ठुड्डी या गर्दन के करीब लाने की कोशिश करें।
  • कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।
  • सांस छोड़ते समय हाथों की पकड़ थोड़ा कसें और सांस लेते समय ढीली करें।
  • फिर धीरेधीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं और इस प्रक्रिया को दोहराएं।