Telangana School Emotional Story: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के माचनपल्ली प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं कक्षा की परीक्षा में एक बच्ची द्वारा लिखे गए उत्तर ने शिक्षकों की आंखों में आंसू ला दिए. स्कूल में हाल ही में परीक्षाएं कराई गईं थीं. पांचवीं कक्षा की तेलगू की परीक्षा में एक छोटा सा प्रश्न था, “अगर भगवान नरसिम्हा स्वामी प्रकट होकर आपसे कुछ मांगें तो आप क्या चाहेंगे?” विद्यार्थियों ने अपनी इच्छाएं परीक्षा पत्रों में लिखीं.

इसी प्रश्न के उत्तर में एक छात्रा ले लिखा, ‘मुझे मेरे पिता चाहिए…’ इस उत्तर को जिस शिक्षक ने भी देखा औप पढ़ा उसकी आंखों में आंसू आ गए. छात्रा के जवाब ने परीक्षा की कॉपी जांचने वाले शिक्षक को सोचने पर मजबूर कर दिया. जब छात्रा ने बताया कि उसके पिता का दो साल पहले निधन हो गया था, तो सभी शिक्षक भावुक हो गए. अपने पिता को खोने का दर्द छात्रा अभी तक भूल नहीं पाई है.
छात्रा चाहती है कि पिता वापस आ जाएं
जानकारी के अनुसार, दो साल पहले छात्रा के पिता का निधन हो गया था, लेकिन छात्रा के दिल और यादों में उसके पिता आज भी जिंदा हैं. शायद इसीलिए ईश्वर से जब कुछ मांगने की बात आई तो छात्रा ने अपने पिता को वापस मांगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वह चाहती है कि उसके पिता, जो उसे छोड़कर चले गए, उसके पास वापस आ जाएं. यह ईश्वर से मांगी गई दुआ ही नहीं है, बल्कि यह उस मासूम छात्रा के दिल में अपने पिता के लिए छिपी एक बेताब पुकार भी है.
शिक्षकों ने लगाया छात्रा को गले और दी सांत्वना
छात्रा को पैसा नहीं, खिलौने नहीं, नए कपड़े नहीं चाहिए. उसे बस अपने पिता चाहिए. छात्रा के उत्तर ने बयां कर दिया कि उसके दिल में अपने पिता के लिए कितना प्यार है और वो उनको कितना याद करती है. शिक्षकों ने भी छात्रा को गले लगाया और उसे सांत्वना दी. कहते हैं कि कुछ आंसुओं की कोई आवाज नहीं होती. कुछ दुखों को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, लेकिन इस छात्रा के उत्तर ने उसके दर्द को सामने ला दिया.



