Thursday, April 2, 2026
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अभी अभीः मोदी सरकार ने संकट के बीच कर दिया बडा ऐलान, ये चीजें हो गई सस्ती-देंखे लिस्ट!..

अभी अभीः मोदी सरकार ने संकट के बीच कर दिया बडा ऐलान, ये चीजें हो गई सस्ती-देंखे लिस्ट!..

Import Duty Cut: म‍िड‍िल ईस्‍ट में चल रहे संघर्ष से ग्लोबल लेवल पर क्रूड और एलपीजी की सप्‍लाई चेन प्रभाव‍ित हुई है. स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बंद होने से क्रूड ऑयल के दाम चढ़कर 122 डॉलर प्रत‍ि बैरल के र‍िकॉर्ड लेवल तक पहुंच गए. क्रूड ऑयल की सप्‍लाई में द‍िक्‍कत होने से कई देशों में पेट्रोल और एलपीजी की क‍िल्‍लत बनी हुई है.

लागत बढ़ने से प्राइवेट कंपन‍ियों ने तेल की कीमत में इजाफा कर द‍िया है. क्रूड ऑयल महंगा होने से तेल कंपन‍ियों की लागत बढ़ गई है. क‍िसी भी तरह से इसका बोझ आम आदमी पर नहीं पड़े. इसके ल‍िए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्‍साइज ड्यूटी में 10 रुपये लीटर की कटौती की है. अब आम आदमी को राहत देने के ल‍िए सरकार ने पेट्रो केम‍िकल प्रोडक्ट पर लगने वाली इम्‍पोर्ट ड्यूटी में कटौती की है.

वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी नोट‍िफ‍िकेशन के अनुसार 41 जरूरी पेट्रोकेमिकल आइटम पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा द‍िया गया है. 2 अप्रैल 2026 से दी जाने वाली यह छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी. सरकार के इस कदम का मकसद घरेलू इंडस्‍ट्री के ल‍िए जरूरी कच्‍चा माल आसानी से मुहैया कराना है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फाइनेंस म‍िन‍िस्‍ट्री के इस कदम से प्लास्टिक, पैकेज‍िंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल, केमिकल, ऑटोमोटिव पार्ट्स और दूसरे अन्‍य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा. सरकार के कदम से आम आदमी के ल‍िए रोजमर्रा के ल‍िए जरूरी चीजों के बढ़ते दाम से राहत म‍िलेगी.

ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ा असर
फाइनेंस म‍िन‍िस्‍ट्री की तरफ से जारी बयान में कहा गया क‍ि वेस्‍ट एश‍िया में चल रहे संघर्ष से दुन‍ियाभर में ग्लोबल सप्लाई चेन पर बुरी तरह प्रभाव‍ित हुई है. इस कारण सरकार ने जरूरी पेट्रोकेमिकल इनपुट्स पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह छूट देने का फैसला क‍िया है. आइए जानते हैं सरकार ने क‍िन चीजों पर कस्‍टम ड्यूटी को खत्‍म क‍िया है?

इन 40 चीजों को कस्‍टम फ्री क‍िया
सरकार की तरफ से ज‍िन 40 चीजों को कस्‍टम ड्यूटी से फ्री क‍िया गया है, उनमें मेथेनॉल, टोल्‍यून, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मोनोएथिलीन ग्लाइकॉल (MEG), फिनॉल, एसिटिक एसिड, प्‍यूर‍िफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), पॉलीइथिलीन, पॉलीप्रोपीलीन, पॉलीस्‍टाइर‍िन, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), पॉलीइथिलीन टेरेफ्थालेट (PET), इंजीनियरिंग प्लास्टिक जैसे एक्र‍िलोनाइट्राइल-ब्यूटाडीन-स्टाइरीन (ABS) और पॉलीकार्बोनेट शाम‍िल है. इन सभी प्रोडक्‍ट को 30 जून तक बिना कस्टम ड्यूटी के इम्‍पोर्ट क‍िया जा सकेगा.

क‍िससे क्‍या चीज तैयार की जाती है?
> मेथेनॉल का इस्‍तेमाल प्लाईवुड, इंसुलेशन फोम, एसिटिक एसिड, प्लास्टिक, सिंथेटिक फाइबर, पेंट, कोटिंग्स और दवाओं बनाने में यूज होता है.
> टोल्यून से पेंट, थिनर, गोंद, प्रिंटिंग इंक, पेंट रिमूवर, रबर, रेजिन और प्लास्टिक बनाने में. इंसुलेशन फोम टीवी / कंप्यूटर / मोबाइल के केस, टॉयज और ऑटो पार्ट्स में यूज होती है.
> पॉलीस्टाइरीन से डिस्पोजेबल प्लेट, कप, फूड कंटेनर, एग ट्रे और आइसक्रीम कप.
> विनाइल क्लोराइड मोनोमर का यूज ब्लड बैग, मेडिकल ट्यूबिंग, टॉयज और क्रेडिट कार्ड जैसी चीज बनाने में होता है.
> मोनोएथिलीन ग्लाइकॉल का यूज पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक बोतल, शैंपू / ऑयल की बोतल, कपड़े बनाने में.
पॉलीइथिलीन से दूध / जूस की बोतल, पानी के पाइप, शॉपिंग बैग, प्लास्टिक बैग, फूड रैप, सैंडव‍िच बैग, डिस्पोजेबल ग्लव्स आद‍ि तैयार क‍िये जाते हैं.

सरकार ने क्‍यों ल‍िया यह फैसला?
वेस्‍ट एश‍िया में चल रही जंग के कारण शिपिंग रूट्स पर असर पड़ा है. इससे फर्ट‍िलाइजर, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के आयात को लेकर च‍िंता बढ़ी है. भारत इन चीजों की जरूरत के ल‍िए 85 फीसदी आयात पर न‍िर्भर है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला क‍िया. ईरान की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई के बाद संघर्ष बढ़ गया और क्रूड ऑयल के दाम 50 प्रत‍िशत से भी ज्‍यादा चढ़ गए. जहाजों का आवागमन प्रभाव‍ित होने से श‍िप‍िंग कॉस्‍ट बढ़ गई है.

डीजल और ATF पर लगाई एक्‍सपोर्ट ड्यूटी
सरकार ने पिछले हफ्ते पेट्रोल और डीजल पर लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रत‍ि लीटर की कटौती की थी. इसके अलावा डीजल पर 21.50 रुपये प्रत‍ि लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 29.50 रुपये प्रत‍ि लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी गई. मौजूदा समय में पेट्रोल पर 3 रुपये प्रत‍ि लीटर की एक्साइज ड्यूटी है, जबक‍ि डीजल पर क‍िसी तरह की एक्साइज ड्यूटी नहीं है. इस छूट से पेट्रोकेमिकल इंडस्‍ट्री को तत्काल राहत म‍िलेगी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत को कंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी.

me.sumitji@gmail.com

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