Nagpur Railway Station Ganja Seized: नागपुर रेलवे सुरक्षा बल ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15.10 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 3.02 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान मध्य प्रदेश के सीहोर निवासी आनंद चौहान को गिरफ्तार किया गया, जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लोहमार्ग पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

आरपीएफ के डॉग ‘प्रिंस’ का कमाल; नागपुर स्टेशन पर 3.02 लाख रूपए के गांजे के साथ एमपी का तस्कर गिरफ्तार!​
आरपीएफ के डॉग ‘प्रिंस’ का कमाल; नागपुर स्टेशन पर 3.02 लाख रूपए के गांजे के साथ एमपी का तस्कर गिरफ्तार!​

संदिग्ध गतिविधि ने बढ़ाया शक

जानकारी के अनुसार, आरपीएफ की क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच की टीम स्टेशन परिसर में नियमित गश्त कर रही थी। टीम में सीआईबी के अजय सिंह, जसबीर सिंह, डॉग हैंडलर नीरज शर्मा तथा नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग ‘प्रिंस’ शामिल थे।

दोपहर करीब 3.40 बजे जब पुरीअहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर3 पर पहुंची, तभी टीम की नजर फुट ओवरब्रिज के मुंबई छोर पर ट्रॉली बैग लेकर तेजी से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे एक युवक पर पड़ी। उसकी संदिग्ध गतिविधियों और घबराहट भरे व्यवहार को देखकर आरपीएफ जवानों को शक हुआ।

पीछा कर टीटीई कार्यालय के पास पकड़ा

संदेह होने पर आरपीएफ टीम ने युवक का पीछा किया और उसे प्लेटफॉर्म नंबर1 स्थित टीटीई कार्यालय के पास रोक लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम आनंद चौहान बताया। इसके बाद अधिकारियों ने उसके ट्रॉली बैग की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान बैग से खाकी रंग के टेप में लिपटे दो पैकेट बरामद हुए। पैकेट खोलकर जांच करने पर उनमें कुल 15.10 किलोग्राम गांजा मिला। अधिकारियों ने जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 2 हजार रुपये आंकी है।

लोहमार्ग पुलिस करेगी आगे की जांच

आरपीएफ ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर कर लिया। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए पूरा मामला आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए लोहमार्ग पुलिस को सौंप दिया गया।

प्राथमिक जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। पर की गई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आरपीएफ की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।