बच्चा स्कूल से आता है और फिर काफी देर तक सोता है. ऐसा रूटीन भारत में ज्यादातर बच्चों का है. इससे उनकी मेंटलफिजिकल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है, बहुत कम पेरेंट्स इस पर गौर करते हैं. मातापिता अपने बच्चे की चिंता में उन्हें 2 या 3 घंटे दोपहर में सोने देते हैं. ये कितना सही है या कितना गलत, ये भी जानना जरूरी है. कई रिसर्च में सामने आया है कि स्कूल से आने के बाद बच्चा सोना चाहता है तो उसे सिर्फ आधे घंटे की नींद ही लेनी चाहिए. इसे डॉक्टर या एक्सपर्ट पावर नैप कहते हैं. ये भी देखा गया है कि अगर हम सिर्फ 15 मिनट की गुड नैप लेते हैं तो शरीर में फ्रेश फील होने लगता है.

इससे उल्टा पेरेंट्स अपने बच्चे को 2 से 3 घंटे सोने देते हैं. ऐसा करना उनकी सेहत के लिए कितना गलत साबित हो सकता है या इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. अविजीत प्रकाश यादव का कहना है कि ये सवाल पेरेंट्स मुझसे बहुत पूछते हैं कि स्कूल से आने के बाद बच्चा का सोना सही है या नहीं? एक्सपर्ट कहते हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज स्कूल से आने के बाद लंबी नींद की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए. अगर बच्चा रात में अपनी उम्र के हिसाब से पूरी नींद ले रहा है, यानी 6 से 12 साल के बच्चों के लिए करीब 9 से 12 घंटे, तो आमतौर पर उसे दिन में सोकर नींद पूरी करने की जरूरत नहीं होती.

कब दोपहर में सोना है सही?

डॉक्टर कहते हैं कि कुछ परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है. अगर किसी दिन बच्चा बहुत ज्यादा एक्टिव रहा हो, पिछली रात उसकी नींद पूरी न हुई हो या उसकी तबीयत थोड़ी ठीक न लग रही हो, तो 30 मिनट की छोटी सी झपकी लेना बिल्कुल ठीक है. इससे उसे थोड़ी एनर्जी मिल जाती है और रात की नींद पर भी असर नहीं पड़ता.

न करें ये गलती

लेकिन मैं यही सलाह दूंगा कि बच्चे को हर दिन एक, दो या तीन घंटे तक सोने की आदत न पड़ने दें. अक्सर पेरेंट्स सोचते हैं कि बच्चा थका हुआ है, सो लेने दो. सुनने में ये सही लगता है, लेकिन दिन में इतनी लंबी नींद लेने से रात में दिक्कत हो सकती है. फिर बच्चा देर से सोता है, सुबह जल्दी स्कूल के लिए उठता है और ये सिलसिला हर दिन चलता रहता है.

इसलिए अगर आपका बच्चा रोज़ ही स्कूल से आकर लंबी नींद मांग रहा है, तो इसे सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज मत कीजिए. ये भी देखिए कि क्या वो रात को बहुत देर से सो रहा है या उसकी रात की नींद अच्छी नहीं हो रही.

कब डॉक्टर से करें संपर्क

अगर रात में अच्छी नींद लेने के बाद भी वो रोज़ बहुत ज्यादा थका हुआ रहता है, तो एक बार अपने पीडियाट्रिशियन से जरूर बात करें. कई बार इसके पीछे कोई स्लीप प्रॉब्लम या दूसरी हेल्थ से जुड़ी दिक्कत भी हो सकती है, जिसकी जांच करना जरूरी होता है.