दुनियाभर में सबसे ज्यादा सुपारी भारत में पैदा होती है. दुनियाभर में इसकी जितनी भी पैदावर होती है उसमें 63 फीसदी हिस्सेदार भारत की है. इसे अरेका नट या बीटल नट भी कहते हैं. भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, चीन, इंडोनेशिया समेत कई देश सुपारी का उत्पादन करते हैं, लेकिन भारत पहले पायदान पर है. वहीं भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश दूसरे नम्बर पर है.दुनिया के कई देश भारत से सुपारी आयात करते हैं. इनमें संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया, नेपाल, मालदीव, अमेरिका, ब्रिटेन, भूटान और वियतनाम शामिल हैं.

भारत यूं ही नहीं सुपारी के उत्पादन में दुनिया में नम्बर वन है. इसके पीछे कुछ चुनिंदा राज्य हैं जहां इसकी सबसे ज्यादा पैदावार होती है. कर्नाटक इसकी पैदावार में देश के सभी राज्यों से सबसे आगे है. कर्नाटक के अलावा केरल, असम, मेघालय, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और भी मेघालय भी लिस्ट में हैं. अब सवाल है कि कर्नाटक सुपारी उत्पादन में सबसे आगे कैसे है.
कर्नाटक क्यों है सुपारी का गढ़?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक 6.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 10 लाख टन सुपारी उत्पादन के साथ पहले स्थान पर है, जिसके बाद केरल, असम, मेघालय, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अन्य राज्य आते हैं.
1 भौगोलिक बनावट बड़ी वजह
सुपारी की खेती के लिए नम, गर्म जलवायु और भरपूर बारिश चाहिए होती है. कर्नाटक का पश्चिमी घाट क्षेत्र, खासकर दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और शिवमोग्गा जिले इन मानकों पर खरे उतरते हैं. समुद्र से नज़दीकी और घने जंगलों वाला माहौल सुपारी के पेड़ों की सेहत के लिए मुफीद माना जाता है. यही वजह है कि उत्तर कन्नड़ जिला अकेले कर्नाटक में सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र बनकर उभरा है.
सुपारी की पैदावार. फोटो: Pexels
2 पीढ़ियों पुराना अनुभव और तकनीक
कर्नाटक के किसान दशकों से सुपारी की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें इस फसल की बारीकियों की गहरी समझ है. तीर्थहल्ली जैसी स्थानीय किस्में अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं और ऊंचे ग्रेड की सुपारी देती हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों में सुपारी पर लगातार शोध होता रहता है, जिससे बेहतर बीज और खेती के तरीके किसानों तक पहुंचते हैं.
उत्तर कन्नड़ जिला अकेले कर्नाटक में सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक क्षेत्र बनकर उभरा है. फोटो: Pexels
3 सिंचाई और सहकारी ढांचे का साथ
बीते वर्षों में बेहतर सिंचाई व्यवस्था और कीट प्रबंधन के चलते कर्नाटक में सुपारी की पैदावार और स्थिर हुई है. इसके अलावा राज्य में मज़बूत सहकारी समितियों का जाल है, जो किसानों को उचित दाम दिलाने और उपज बेचने में मदद करता है. मंगलुरु जैसे शहर सुपारी की प्रोसेसिंग के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं, जहां सफाई और ग्रेडिंग की आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं.
सुपारी का सबसे ज्यादा उत्पादन कर्नाटक में होता है. फोटो: Pexels
चुनौतियां भी कम नहीं
सबसे ज्यादा उत्पादन के साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं. पिछले कुछ सालों में येलो लीफ डिजीज और लीफ स्पॉट जैसी बीमारियों के साथसाथ असामान्य गर्मी और नमी ने इसकी पैदावार को प्रभावित किया है. यही वजह है कि पिछले साल सरकार ने सुपारी उद्योग की चुनौतियों पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी. फिलहाल अनुकूल भौगोलिक परिस्थिति, अनुभवी किसान और मज़बूत सहकारी ढांचे के दम पर कर्नाटक फिलहाल देश के सुपारी मानचित्र पर सबसे ऊपर बना हुआ है.



