दिल्ली का बीकानेर हाउस इन दिनों काफी चर्चा में है, जिसकी वजह है वहां होने वाली फोटो एग्जिबिशन. दरअसल, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो एग्जिबिशन से विरोधप्रदर्शनों से जुड़ी कई तस्वीरें हटा दी गईं. रेहान एक कलाकार और फोटोग्राफर हैं. उनकी एग्जिबिशन का नाम No Idea Is Final है. रेहान के मुताबिक, उनकी तस्वीरों में दिल्ली में हाल के महीनों में हुए छात्र और युवा आंदोलनों को दिखाया गया था.

रेहान ने आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर को एग्जिबिशन शुरू होने से कुछ घंटे पहले मैनेजमेंट ने उनसे कई तस्वीरें हटाने को कहा. उन्हें बताया गया कि तस्वीरें नहीं हटाई गईं तो एग्जिबिशन रद्द हो सकती है. रेहान ने बताया कि उनकी कुल 105 में से 74 आर्टवर्क्स हटाने को कहा गया. इनमें तिरंगे से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं. उन्होंने इस फैसले पर आपत्ति जताई और कहा कि कला पर इस तरह की रोक लगाना गलत है.

प्रियंका गांधी ने जताई नाराजगी

इस मामले के सामने आने के बाद से प्रियंका गांधी ने भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. दिल्ली के इंडिया गेट के पास स्थित बीकानेर हाउस इन दिनों रेहान वाड्रा की फोटो एग्जिबिशन से जुड़ी खबरों के कारण चर्चा में है. लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि ये जगह कभी बीकानेर के महाराजा का दिल्ली स्थित आवास हुआ करती थी. आज यह राजस्थान सरकार के अधीन एक कल्चरल सेंटर है, जहां आर्ट एग्जिबिशन से लेकर किताबों की लॉन्चिंग और कल्चरल प्रोग्राम ऑर्गेनाइज किए जाते हैं.

क्या है बीकानेर हाउस, कहां स्थित है?

बीकानेर हाउस नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है. इसे ब्रिटिश शासन के दौरान बीकानेर रियासत के महाराजा के दिल्ली स्थित आवास के रूप में बनाया गया था. इसकी डिजाइन आर्किटेक्ट चार्ल्स जी ब्लॉमफील्ड ने तैयार की थी. आजादी के बाद राजस्थान सरकार ने इस इमारत को अपने अधीन ले लिया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बाद में इसका रेनोवेशन किया गया और 2015 में इसे कला और संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के लिए फिर से खोला गया. अब यहां आर्ट एग्जिबिशन, वर्कशॉप, सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन होते हैं.

बीकानेर हाउस पर किसका अधिकार है?

बीकानेर हाउस का मालिकाना हक राजस्थान सरकार के पास है. इसका मैनेजमेंट और यहां होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था के लिए राजस्थान सरकार ने अप्रैल 2016 में बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी का गठन किया था. इस सोसाइटी का उद्देश्य बीकानेर हाउस को कला, विरासत और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र बनाना है. राजस्थान सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय के अनुसार, सोसाइटी के अध्यक्ष राजस्थान के मुख्य सचिव हैं.

एग्जिबिशन के लिए किसकी परमिशन चाहिए?

बीकानेर हाउस में एग्जिबिशन लगाने के लिए वहां की देखरेख करने वाली संस्था बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी से परमिशन लेनी होती है. इसके लिए ऑर्गेनाइजर्स को आवेदन देना पड़ता है. आवेदन मिलने के बाद संस्था उसे देखती है, अनुमति मिलने पर जगह का किराया और पैसे जमा करने की जानकारी दी जाती है. पेमेंट पूरा होने के बाद बुकिंग पक्की होती है. एग्जिबिशन के दौरान संस्था के तय नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है.

क्या मैनेजमेंट एग्जिबिशन को कैंसिल कर सकते हैं?

यह सबसे अहम सवाल है. बीकानेर हाउस में जगह की बुकिंग मिलने का मतलब यह नहीं कि आयोजन से जुड़े सभी फैसलों पर मैनेजमेंट का अधिकार खत्म हो जाता है. ऑफिशियल बुकिंग शर्तों के मुताबिक, मैनेजमेंट के पास बिना कोई कारण बताए किसी भी एग्जिबिशन, प्रोग्राम या इवेंट को पोस्टपोन या कैंसल करने का अधिकार है.