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Pakistan Donkey Export to China: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक प्रोसेसिंग फैसिलिटी में हर दिन सैकड़ों गधे काटे जा रहे हैं, जिनका मांस और खाल मुख्य रूप से चीनी बाज़ार के लिए भेजा जाता है. यह अनोखा व्यापार तब सामने आया है जब चीन अपने गधों की घटती संख्या और गधे की खाल से निकाले गए कोलेजन से बने पारंपरिक प्रोडक्ट एजियाओ की बढ़ती मांग से जूझ रहा है.

रोज कट रहे 800 गधे

मनीकंट्रोल के अनुसार, हंगेंग ग्रुप ग्वादर के पास एक स्लॉटरहाउस और प्रोसेसिंग फैसिलिटी चलाता है और कुछ महीनों में अपनी कैपेसिटी बढ़ाकर हर दिन 800 गधे करने का प्लान बना रहा है. कंपनी ने पाकिस्तान में लगभग $50 मिलियन का निवेश किया है और नौ चीनी मैनेजरों के साथ लगभग 500 स्थानीय कर्मचारियों को काम पर रखा है. यह डेवलपमेंट तब हुआ है जब चीनी खरीदार गधे की खाल के लिए अपने पारंपरिक सोर्स से हटकर कुछ और देख रहे हैं.

चीन को गधे की खाल की ज़रूरत क्यों है?

मुख्य आकर्षण सिर्फ़ गधे का मांस नहीं है. यह जानवर की खाल है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एजियाओ को गधे की खाल को उबालकर कोलेजन निकालकर बनाया जाता है. इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चीनी दवा में किया जाता रहा है और इसका इस्तेमाल कुछ कॉस्मेटिक्स में भी किया जाता है. स्ट्रेट्स टाइम्स ने 15 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में कहा कि एजियाओ का इस्तेमाल चीन में आमतौर पर ब्लड टॉनिक के तौर पर किया जाता है और यह इम्यूनिटी और नींद में मदद करने के दावों से भी जुड़ा है. इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स में भी किया जाता है और इसे एंटी-एजिंग फायदों के लिए मार्केट किया जाता है.