दिल्लीNCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू कर दिया. इसके तहत दिल्ली और NCR के प्रमुख जिलों में 5वीं कक्षा तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड में पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है. अगले आदेश तक स्कूलों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई की सुविधा देनी होगी.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में भी 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई के लिए उपलब्ध ऑनलाइन विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं.

पूरी तरह बंद नहीं होंगे स्कूल

GRAP3 के तहत स्कूलों को बंद करने का आदेश नहीं दिया गया है, बल्कि हाइब्रिड व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत स्कूलों में नियमित कक्षाएं भी चलेंगी और ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। बच्चे स्कूल जाकर पढ़ाई करें या घर से ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल हों, इसका फैसला अभिभावक या बच्चे कर सकेंगे. जहां ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां इसे सुनिश्चित करना होगा.

पुराने पेट्रोलडीजल वाहनों पर भी पाबंदी

प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP3 के तहत वाहनों को लेकर भी सख्ती की गई है. दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में BSIII और उससे पुराने पेट्रोल वाहन तथा BSIV और उससे पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी.

इसके अलावा दिल्ली में BSIV और उससे पुराने डीजल से चलने वाले मध्यम मालवाहक वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दिल्ली के बाहर पंजीकृत पुराने डीजल मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों को भी राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, दिव्यांग व्यक्तियों के निजी इस्तेमाल के लिए अनुकूलित वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.

AQI 382 पहुंचा, हवा की रफ्तार घटने से बढ़ सकती है परेशानी

शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. यह स्तर गंभीर श्रेणी के करीब है. पर्यावरण मंत्री ने आशंका जताई कि शनिवार से हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ज्यादा देर तक बने रह सकते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है.

GRAP3 के तहत निर्माण और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती की गई है. अधिकारियों को प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. ये पाबंदियां संबंधित GRAP उपायों के लागू रहने तक जारी रहेंगी.