Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा की बीटा2 थाना पुलिस, एसओजी और इकोटेक1 थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे पर चांदी व्यापारी से हुई करीब 1.38 करोड़ रुपए की लूट का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से लूटा गया पूरा सोनाचांदी और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई है. पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात की साजिश दो सगे भाइयों ने अपने साले और अन्य साथियों के साथ मिलकर रची थी.

करोड़ों के कर्ज ने अपराध की राह पर धकेला

डीसीपी रवि शंकर के अनुसार, मुख्य आरोपी अमित और अंकुर सगे भाई हैं और फाइनेंस का कारोबार करते थे. कारोबार में भारी नुकसान होने के कारण उन पर करोड़ों रुपए का कर्ज हो गया था. आर्थिक संकट से निकलने के लिए उन्होंने आसान पैसे कमाने की नीयत से लूट की योजना बनाई. इस साजिश में उनका साला हिमांशु और दो अन्य साथी भी शामिल हो गए.

कई दिनों तक व्यापारी की करते रहे रेकी

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चांदी बाजार में कई दिनों तक व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखी. वे यह पता लगाते रहे कि कौन व्यापारी कब और कितना कीमती सामान लेकर आताजाता है. लगातार रेकी करने के बाद उन्होंने आगरा के एक चांदी व्यापारी को निशाना बनाया, जो नियमित रूप से चांदनी चौक से सोनाचांदी खरीदकर लौटता था.

यमुना एक्सप्रेसवे पर दिया वारदात को अंजाम

4 और 5 अगस्त 2026 की रात आरोपी व्यापारी का पीछा करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचे. सुनसान जगह पर उन्होंने व्यापारी की कार को रोक लिया और उससे सोने की अंगूठियां, चांदी के बिस्कुट व अन्य कीमती सामान लूट लिया. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी.

2,000 से ज्यादा CCTV फुटेज से खुला राज

लूट का खुलासा करने के लिए पुलिस ने 2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. लंबी जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित, अंकुर, हिमांशु, रोहित और बसंत के रूप में हुई है.

पूरा लूटा हुआ माल और कार बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.38 करोड़ रुपए कीमत का लूटा गया सोनाचांदी बरामद कर लिया है. साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की कार भी जब्त कर ली गई है. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कई दिनों तक व्यापारी की रेकी करने के बाद सही मौके का इंतजार किया और फिर वारदात को अंजाम दिया.

पुराने मामलों की भी होगी जांच

पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया था. आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, आर्थिक लेनदेन और उनके अन्य संभावित साथियों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं.