केरलम में राज्य मंत्रिमंडल ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा के लिए एक नए विधेयक मंजूरी दे दी है. केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा की कानूनी गारंटी देने के उद्देश्य वाले विधेयक को मंजूरी दे दी गई है.
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इसे पारित कराना है.

मुख्यमंत्री सतीशन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस नए विधेयक को विधानसभा में रखने से पहले इसे सबके सामने पब्लिक कर दिया जाएगा, ताकि लोग देख और समझ सकें. उन्होंने इस विधे को बहुत क्रांतिकारी, बड़ा और नया बदलाव लाने वाला कदम बताया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरलम भारत का पहला राज्य है, जिसने बुजुर्गों के लिए अलग विभाग बना रखा है.

STORY | Keralam to bring law guaranteeing care for senior citizens in next Assembly session: CM

The Keralam government is preparing to introduce legislation in the upcoming Assembly session to provide a legal guarantee for the care and protection of senior citizens, Chief Minister V D Satheesan said on Friday, expressing hope that the bill would be passed this month.

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— Press Trust of India October 9, 2026

‘बजुर्गों की देखभाल का पहला कानून होगा’

सीएम ने कहा कि प्रस्तावित कानून दुनिया में अपनी तरह का पहला कानून होगा, जिसके तहत विधायी प्रावधानों के माध्यम से बुजुर्गों की देखभाल की कानूनी गारंटी दी जाएगी. उन्होंनेकहा, देशभर के राज्य केरलम से इस मॉडल की जानकारी मांग रहे हैं. विधानसभा से पारित होने के बाद यह कानून सभी राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में काम करेगा.

सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों पर नजर रखी जाए. इसमें ये देखना भी शामिल होगा कि बुजुर्गों ने नाश्ता, दोपहर और रात का खाना खाया है या नहीं और क्या उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है.

सतीशन ने कहा, विधानसभा का सत्र 12 अक्टूबर से शुरू होगा. मुझे उम्मीद है कि हम इसी महीने विधेयक पारित कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य में हो रहे बड़े जनसांख्यिकीय बदलावों और जीवन प्रत्याशा में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह पहल जरूरी है. उन्होंने कहा कि पहले इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.

सीएम ने कहा कि ये पहल केवल पारंपरिक कल्याणकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सिल्वर इकोनॉमी यानी बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने वाली सेवाओं की अवधारणा अपनाकर वरिष्ठ नागरिकों को अधिक सक्रिय, रचनात्मक और उपयोगी बनाने का प्रयास करेगी.