Himachal Se: Mahadev Ko Kya Arpit Karein: हिंदू धर्म में सोमवार का दिन केवल देव आधिदेव महादेव ही नहीं, बल्कि माता पार्वती की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन सच्चे मन से शिवगौरी की आराधना करने से दांपत्य जीवन की परेशानियां धीरेधीरे दूर होने लगती है। यदि आपके वैवाहिक जीवन में दूरियां आ गई हैं, तो शिवगौरी का आशीर्वाद आपके रिश्ते को नर्जीवित कर सकता है।

सोमवार को भोलेनाथ को चढ़ाएं ये 4 चीजे
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शिवलिंग का अभिषेक करें
ज्योतिषयों के अनुसार, वैवाहिक सुख के लिए सोमवार को शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध, दही और शहद से अभिषेक करें। धार्मिक मान्यता है कि, इस उपाय को करने से पतिपत्नी के बीच की दूरियां और तनाव कम होता है और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर आपके साथ भी ऐसी दिक्कतें हो रही है तो ये उपाय करना भूलें।
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करें इस मंत्र का जाप
से मुक्ति पाने के लिए पूजा के दौरान रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का 11 या 108 बार जाप करें
‘हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया.
तथा मां कुरु कल्याणी कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्॥’
कहा जाता है कि इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और रिश्तों में मजबूती बढ़ती है।
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शिवलिंग पर चढ़ाएं रुद्राक्ष
दाम्पत्य जीवन सुख के लिए सोमवार को शिवलिंग पर गौरीशंकर रुद्राक्ष या पंचमुखी रुद्राक्ष चढ़ाना भी शुभ माना गया है। कहा जाता है कि यह उपाय रिश्तों को मजबूत बनाता है और पतिपत्नी के बीच आपसी समझ बढ़ती है।
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केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं
शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं। इससे जल्दी विवाह के योग बनने लगते हैं। ज्योतिष बताते है कि, जो जातक मनचाहे जीवनसाथी की चाह रखते हैं, उन्हें 16 सोमवार का व्रत करना चाहिए।
शिव मंदिर में 11 बूंदी के लड्डू चढ़ाएं और इसके बाद इन्हें जरूरतमंदों में बांट दें। ऐसी मान्यता है कि, ऐसा करने मनचाहे जीवनसाथी की चाह पूरी होती हैं। अगर आपको भी मनचाहे जीवनसाथी की तलाश है तो, ये उपाय अवश्य करें।
सोमवार के दिन क्या न करें ?
अगर आप इन नियमों का पालन करते हैं, तो भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और इससे जीवन में सुखशांति बनी रहती है।
किसी बड़ेबुजुर्ग, स्त्री, मातापिता, साधुसंतों या मेहमानों का अपमान न करें।
तामसिक भोजन से दूर रहें।
शिवलिंग की पूजा में हल्दी, कुमकुम, सिंदूर या तुलसी भूलकर भी न चढ़ाएं। इन चीजों को शिव पूजा में वर्जित माना जाता है।



