Himachal Se: How to Grow Green Chillies in Balcony: घर पर उगाई जाने वाली ताजी हरी मिर्च का स्वाद और खुशबू बाजार में मिलने वाली मिर्च से कहीं अधिक लाजवाब होता है। खाने के साथ ताजी हरी मिर्च का स्वाद भोजन का मजा दोगुना कर देता है। अच्छी बात यह है कि इसे आप बालकनी में आसानी से उलगा सकते हैं। इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें जिससे पौधे का विकास तेजी से होता रहे।

बीज का चुनाव

अगर एक स्वस्थ पौधा लगाना चाहते हैं तो सही और अच्छे बीज का चुनाव करना जरूरी है। इसके लिए आप नर्सरी का रुख कर सकते हैं या घर पर रखी लाल सूखी मिर्च के बीजों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप लाल मिर्च से बीज निकाल रहे हैं तो इन्हें पहले धूप में अच्छे से सुखा लें जिससे बीज सड़ेंगे नहीं।

मिट्टी और मिर्च का पौधा

मिर्च का पौधा लगाने जा रहे हैं तो उसके लिए सही मिट्टी चुनना जरूरी है। पौधे के लिए ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें हवा का संचार अच्छा हो और पानी जमा न हो। एक छोटे बर्तन या सीडलिंग ड्रे में मिट्टी भरकर बीजों को आधा सेंटीमीटर गहरा बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें। इसे गर्म जगह पर रखें जहां पर सीधी धूप न आती हो। बीज अंकुरित होने में करीब एक से दो हफ्ते का समय लग सकता है।

बड़े गमले में रखें पौधा

जब बीजों से पौधा कुछ सेंटीमीटर लंबा हो जाए और उनमें कुछ पत्तियां आ जाएं, तो इसे बड़े गमले में शिफ्ट कर दें। अगर गमले में पानी की निकासी के लिए जगह नहीं है तो छोटा छेद कर दें। इस दौरान पौधे को कम से कम 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है। ध्यान रखें कि धूप की कमी से पौधा कम जोर हो सकता है और कम मिर्च लगती हैं।

सिंचाई का तरीका

मिर्च का पौधा लगाने के बाद ज्यादातर लोग पानी देने में गलती करते हैं। मिट्टी को ज्यादा गीला रखने की जगह नम रखें। पौधे में पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूख जाए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर ज्यादा गर्मी है तो नमी बनाए रखने के लिए मिट्टी के ऊपर सूखे पत्ते या कोकोपीट डाल सकते हैं।

कीटों से बचाव

जब पौधे में सफेद फूल आने लगें तो उसे ज्यादा पोषण की जरूरत होती है। इसके लिए आप जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट या पोटेशियम से भरपूर खाद डाल सकते हैं। कीड़ों से बचाने के लिए समयसमय पर नीम का तेल स्प्रे करें। अगर पौधा एक तरफ झुक रहा है तो लकड़ी का सहारा दे सकते हैं।

कटाई करना

मिर्च उगाने के कम से कम 2 से 3 महीने बाद मिर्चियां तोड़ने के लिए तैयार हो जाती है। समयसमय पर हरी मिर्च को कैंची की मदद से काटते रहें। मिर्च तोड़ने पर पौधे में उतनी अधिक नई मिर्च और फूल पैदा होते हैं।