Himachal Se: रात को सोते समय खर्राटे लेना एक बेहद आम समस्या है, लेकिन कई बार यह आपके पार्टनर और दूसरों की सुकून भरी नींद में बड़ा खलल पैदा कर देती है। खर्राटों के कारण न सिर्फ सामने वाले की नींद खराब होती है, बल्कि यह खुद आपके खराब स्वास्थ्य का संकेत भी हो सकता है। अगर आप या आपका पार्टनर इस समस्या से परेशान हैं, तो दवाइयों के चक्कर में पड़ने से पहले अपनी लाइफस्टाइल में कुछ छोटे और आसान बदलाव करके देखें। यहां हम कुछ आसान घरेलू तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप खर्राटों की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

खर्राटे ने कर दी है आपने पार्टनर की नींद खराब, तो अपनाकर देखें ये आसान उपाय, कुछ ही दिनों में दूर होगी समस्या​
खर्राटे ने कर दी है आपने पार्टनर की नींद खराब, तो अपनाकर देखें ये आसान उपाय, कुछ ही दिनों में दूर होगी समस्या​

1. सोने की पोजीशन बदलें
अक्सर पीठ के बल सीधे सोने से गले की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और जीभ पीछे की तरफ गिरती है, जिससे सांस की नली आंशिक रूप से ब्लॉक हो जाती है। इसके कारण कंपन होता है और खर्राटे आते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा करवट लेकर सोने की आदत डालें।

2. वजन कंट्रोल करें
शरीर का वजन ज्यादा होने से गर्दन के आसपास ज्यादा फैट जमा हो जाती है। यह एक्स्ट्रा फैट सोते समय वायुमार्ग को सिकोड़ देता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और खर्राटे की आवाज निकलती है। संतुलित खानपान और नियमित एक्सरसाइज से वजन कम करके इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

3. रात को शराब और स्मोकिंग से दूरी बनाएं
सोने से ठीक पहले शराब का सेवन करने से गले की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा रिलैक्स हो जाती हैं, जिससे खर्राटे बढ़ जाते हैं। वहीं स्मोकिंग करने से गले और नाक के अंदरूनी हिस्से में सूजन आ जाती है, जो हवा के रास्ते को रोकती है। इसलिए, रात के समय इन चीजों से पूरी तरह परहेज करें।

4. स्टीम लें और हाइड्रेटेड रहें
अगर नाक बंद होने या एलर्जी की वजह से खर्राटे आते हैं, तो सोने से पहले गुनगुने पानी की भाप लें। इससे नाक के रास्ते खुल जाते हैं। इसके अलावा, दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी होने से नाक और तालू के अंदर का म्यूकस गाढ़ा हो जाता है, जिससे खर्राटे आने की संभावना रहती है।

5. तकिए की ऊंचाई सही रखें
सोते समय सिर को शरीर से करीब 4 इंच ऊपर रखने के लिए थोड़े ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे वायुमार्ग खुला रहता है और सांस लेने में आसानी होती है।