हर 6 महीने में बढ़ जाता है चश्मे का नंबर? आंखों की रोशनी बेहतर करने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से समझें हर्बल उपाय

स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन पर लंबे समय तक समय बिताने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और युवाओं में मायोपिया यानी दूर की चीजें साफ न दिखाई देने की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, कमजोर नजर या चश्मे का बढ़ता नंबर केवल स्क्रीन देखने की वजह से नहीं होता। मायोपिया, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी और उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याएं भी दृष्टि कमजोर होने के कारण हो सकते हैं। ऐसे में कई लोग आंखों की रोशनी को प्राकृतिक तरीके से बेहतर बनाने के उपाय तलाशते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आयुर्वेद में आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए संतुलित आहार और कुछ औषधीय हर्ब्स का सेवन करने पर जोर दिया गया है। कुछ देसी चीजें आंखों की रोशनी को नेचुरल तरीके से बढ़ाने में मददगार साबित होती है। सदियों से आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए शहद को असरदार माना जाता रहा है।

Conloneyeinstitute के अनुसार, शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। ये गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से होने वाली सेल्स की क्षति से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, शहद का सेवन आंखों की कमजोर को दूर कर आंखों को पोषण देता है। शहद के साथ अगर अश्वगंधा का सेवन किया जाए तो फायदे दोगुने हो सकते हैं। आइए रिसर्च के साथ समझते हैं कि कैसे शहद और अश्वगंधा का सेवन असरदार साबित होता है। Also Readकार्डियोलॉजिस्ट की सलाह: दिल की बीमारियों से बचना है तो कभी न नजरअंदाज करें ये 5 आदतें

शहद आंखों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है?

शहद में कई बायोएक्टिव कंपाउंड (जैव सक्रिय यौगिक) पाए जाते हैं, जिनमें फ्लेवोनॉयड (Flavonoids) और फेनोलिक एसिड (Phenolic Acids) प्रमुख हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स (Free Radicals) से होने वाली कोशिकीय क्षति और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। Also Readकिन लोगों को सुबह उठकर गर्म पानी पीना चाहिए और किन लोगों को ठंडा ? योगा एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका और सावधावनियां

शहद में एंटी इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण भी पाए जाते हैं। कुछ रिसर्च के अनुसार, इसके जैव सक्रिय यौगिक सूजन से जुड़े कुछ रसायनों की गतिविधि को प्रभावित कर सकते हैं। इससे आंखों की सतह पर होने वाली सूजन को कंट्रोल करने में  मदद मिल सकती है।

अश्वगंधा आंखों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है?

अश्वगंधा का इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसमें विथेनोलाइड्स (Withanolides) जैसे जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं और इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों पर भी शोध हुआ है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए अश्वगंधा के एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव आंखों सहित शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से उपयोगी हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। शहद या अश्वगंधा को कमजोर नजर, मायोपिया या चश्मे का नंबर कम करने का प्रमाणित उपचार नहीं माना जाना चाहिए। आंखों में बिना चिकित्सकीय सलाह के शहद या किसी अन्य पदार्थ का इस्तेमाल न करें।