चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा ने सोमवार को ‘तमिल थाई वाजथु’ को लेकर एक अहम प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव के तहत राज्य के सरकारी कार्यक्रमों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में होने वाले आयोजनों की शुरुआत राज्य गीत से करना अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि ‘तमिल थाई वाजथु’ को कार्यक्रमों में पहला स्थान मिलना चाहिए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने तमिल भाषा को राज्य की पहचान और गौरव से जोड़ते हुए सभी दलों से प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की।
इस प्रस्ताव को द्रमुक , अन्नाद्रमुक और कांग्रेस समेत प्रमुख दलों का समर्थन मिला। प्रस्ताव में तमिल भाषा और तमिल संस्कृति की ऐतिहासिक विरासत को भी रेखांकित किया गया है।
गौरतलब है कि ‘तमिल थाई वाजथु’ को दिसंबर 2021 में तमिलनाडु का आधिकारिक राज्य गीत घोषित किया गया था। अब विधानसभा के ताजा प्रस्ताव के बाद सरकारी और सार्वजनिक आयोजनों में इसके पालन को और स्पष्ट रूप से अनिवार्य किया गया है।



