Himachal Se: एक महिला के लिए मां बनना दुनिया का सबसे खूबरसूरत पल है. लेकिन जब वो पल जिंदगी के 74वें पड़ाव पर आए तो एक रिकॉर्ड बन जाता है. यह उपलब्धि उन महिलाओं के लिए मिसाल बन जाती है जो लम्बे समय से मां बनने का सपना देख रही हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही. दुनियाभर में सबसे उम्रदराज मां बनने का रिकॉर्ड आंध्र प्रदेश की अर्रामत्ती मंगयम्मा के नाम है. रिकॉर्ड उस उम्र में बना जब महिलाएं मां बनने की आशा खो चुकी होती हैं.

के बहाने जानिए, उस मां की कहानी जिसने जीवन के कई दशक मां बनने की चाहत में गुजार दिए और एक दिन ऐसा आया जो दुनियाभर की उन महिलाओं के लिए उम्मीद बना जो कोशिशों से हारकर एक उम्र के बाद मां बनने की चाहत को दबा देती हैं. जानिए, उस भारतीय महिला की कहानी.
जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया
आंध्र प्रदेश के गुंटूर शहर की अर्रामत्ती मंगयम्मा ने 5 सितंबर, 2019 को इनविट्रो फर्टिलाइजेशन तकनीक से दो बच्चियों को जन्म दिया. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कई दशक लम्बे वैवाहिक जीवन के बावजूद अर्रामत्ती मंगयम्मा के कोई बच्चा नहीं हुआ. उनकी हमेशा से ही दिली ख्वाहिश थी उनके घर भी बच्चा हो.
अर्रामत्ती मंगयम्मा 5 सितंबर, 2019 को दो बच्चियों की मां बनी थीं.
साल 1962 में उनकी शादी ई. राजा राव से हुई. कई सालों से स्वाभाविक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ रहीं तो एक पड़ोसी के बारे में जानने के बाद इन विट्रो फर्टिलाइजेशन का विकल्प चुना. पड़ोस की महिला 55 वर्ष की आयु में इस प्रक्रिया से मां बनी थी. इससे प्रेरणा लेते हुए अर्रामत्ती ने आईवीएफ का विकलप चुना. इसके बाद दंपति ने डॉ. उमाशंकर से परामर्श लिया ताकि मंगायम्मा का ट्रीटमेंट चल सके.
पति राजा राव के साथ अर्रामत्ती मंगयम्मा.
कई अस्पतालों से मिली नाउम्मीदी
डॉ. उमाशंकर के मुताबिक, उम्र के उस पड़ाव पर भी उनमें मां बनने की प्रबल इच्छा थी. कई अस्पतालों में जाने के बाद भी उन्हें गर्भधारण करने में सफलता नहीं मिली. उन्होंने आईवीएफ को आजमाने का फैसला किया और हमसे संपर्क किया. हम उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति देखकर आश्चर्यचकित रह गए. हमने सभी मेडिकल टेस्ट किए और पाया कि वह IVF के जरिए गर्भधारण के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट थी. हालांकि, गर्भधारण करने की उनकी यात्रा में कई चुनौतियां थीं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चूंकि मंगायम्मा रजोनिवृत्ति से गुजर चुकी थीं, इसलिए उनके शरीर में अंडे बनने बंद हो गए थे. इस समस्या से निपटने के लिए एग डोनर की मदद ली गई.
टेस्ट में पाया गया कि वो IVF के जरिए गर्भधारण के लिए फिट थी.
डोनर से एग लिए और पति के स्पर्म के जरिए पहली बार वो गर्भवती हुईं. दिलचस्प बात है कि पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें किसी तरह की कोई भी जटिलता से नहीं जूझना पड़ा. बच्चियों के जन्म के बाद वो बच्चियों का पालनपोषण कर रही हैं. हालांकि बच्चियों के जन्म के बाद पति का 84 साल की उम्र में हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था.



