
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक महिला की बहादुरी ने बड़ा हादसा टाल दिया। काली नदी किनारे चारा काट रही युवती पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उसे पानी में खींचने लगा। तभी पास में मौजूद उसकी चाची ने जान की परवाह किए बिना दरांती लेकर मगरमच्छ की आंख में हमला कर दिया। महिला की हिम्मत देखकर मगरमच्छ युवती को छोड़कर वापस नदी में चला गया।
घटना अतरौली क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर गांव की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 18 वर्षीय सुमन अपनी चाची द्रोपा देवी के साथ मवेशियों के लिए चारा काटने गई थी। इसी दौरान काली नदी से निकले मगरमच्छ ने अचानक सुमन पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने युवती का हाथ अपने जबड़े में दबोच लिया और उसे पानी की ओर खींचने लगा।
भतीजी की चीख सुनते ही द्रोपा देवी बिना घबराए मगरमच्छ की तरफ दौड़ पड़ीं। उनके हाथ में दरांती थी। उन्होंने लगातार मगरमच्छ पर वार करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि महिला ने मगरमच्छ की आंख पर जोरदार हमला किया, जिसके बाद उसने सुमन को छोड़ दिया और वापस नदी में चला गया। गांव वालों का कहना है कि अगर द्रोपा देवी कुछ सेकंड भी देर कर देतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हमले में सुमन गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके दोनों हाथों में गहरे जख्म आए हैं। परिजन तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सीएचसी अधीक्षक अवनेंद्र यादव ने बताया कि युवती की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर हैं।
घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि काली नदी में मगरमच्छों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी कई बार उन्हें नदी किनारे देखा जा चुका है। लोगों ने वन विभाग से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और मगरमच्छों को पकड़ने की मांग की है। वहीं गांव में द्रोपा देवी की बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है।



