Himachal Se: हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर है, क्योंकि कई बार इसके लक्षण लंबे समय तक नजर नहीं आते, लेकिन यह शरीर के अंदर धीरेधीरे गंभीर नुकसान पहुंचाता रहता है। नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. रवि प्रकाश से जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक की वजह कैसे बन सकता है?

हाई ब्लड प्रेशर का हार्ट अटैक से सीधा संबंध
हाई ब्लड प्रेशर का हार्ट अटैक से सीधा संबंध है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर धमनियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनमें फैट और कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। जब धमनियां संकरी हो जाती हैं, तो दिल तक पर्याप्त ऑक्सीजन और खून नहीं पहुंच पाता, जिससे हार्ट अटैक का खतरा अचानक बढ़ सकता है।
कौन से संकेत दिखते हैं?
सीने में दर्द या दबाव महसूस होना, सांस फूलना, अचानक बहुत ज्यादा थकान, चक्कर आना, धड़कन तेज होना, सिरदर्द और अत्यधिक पसीना आना ऐसे लक्षण हैं जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। कई बार दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जबड़े, गर्दन, कंधे, पीठ या बाएं हाथ तक भी फैल सकता है।
महिलाओं और बुजुर्गों के संकेत अलग हो सकते हैं
महिलाओं और बुजुर्गों में हार्ट अटैक के संकेत अलग हो सकते हैं। उनमें सीने में तेज दर्द की जगह कमजोरी, मतली, अपच जैसा महसूस होना, बेचैनी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे संकेतों को मामूली समझकर टालना खतरनाक हो सकता है।
हाई बीपी में हो सकती हैं ये समस्याएं भी
अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लंबे समय से हाई रहता है और साथ में डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, ज्यादा तनाव या खराब खानपान जैसी समस्याएं भी हैं, तो हार्ट अटैक का जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए नियमित ब्लड प्रेशर जांच, संतुलित आहार, नमक का सीमित सेवन, रोजाना व्यायाम और तनाव को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
यदि अचानक सीने में दबाव, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक कमजोरी या असामान्य बेचैनी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर पहचान और इलाज हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



