खाना साथ में ही खाना चाहिए…ऐसा आपने भी कई बार लोगों को कहते सुना होगा. खासकर भारतीय तो ऑफिस हो या फिर घर ज्यादातर जगहों पर साथ बैठकर भी खाते हैं. ये एक तरह की सोशल एक्टिविटी के अंदर आता हैं, लेकिन अब धीरेधीरे सोलो डाइनिंग का ट्रेंड बढ़ रही हैं. इसी के चलते अब तो ऐसे रेस्तरां भी डिजाइन किए जाने लगे हैं जिसमें एक व्यक्ति अकेले बैठकर खा सके और उसे किसी तरह की झिझक न हो. सोलो डाइनिंग आपके लिए एक ट्रीट हो सकती है, बशर्ते आप बिना इधरउधर ध्यान दिए अपने आसपास के माहौल और खाने का लुत्फ पर पूरा फोकस करें.

दरअसल ज्यादातर लोग रेस्त्रां में जब खाना खाने जाते हैं तो वो फैमिली के साथ, पार्टनर के साथ डेट पर, किसी डील के सिलसिले में, कोई खास मौके पर जैसे एनिवर्सरी आदि के लिए जाते हैं, लेकिन बात जब सोलो डाइनिंग की आती है तो इंसान का मकसद बस खुद को ट्रीट करना होता है. ये सेल्फ डेट की तरह होता है. ऐसे में जरूरी है इस मौके को आप पूरा एंजॉय कर पाएं. तो जान लें कि सोलो डाइनिंग में किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए.

अच्छा ड्रेस अप करें

सोलो डाइनिंग एक तरह का मी टाइम होता है तो खुद पर पूरा फोकस करें. इसके लिए सबसे पहला काम है कि आप अच्छी तरह से ड्रेस अप हों. इससे आपको खुद में अंदर से खुशी और ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस होता है. जब आप रेस्तरां में जाते हैं तो प्रेजेंटेबल लगते हैं, जिससे आप भीड़ में भी खुद को पॉजिटिवली जुदा महसूस करते हैं.

माइंडफुल ईटिंग पर दें ध्यान

सोलो डाइनिंग का मतलब ये नहीं है कि आप जाकर कुछ भी ऑर्डर कर दें और फटाफट खाकर आ जाएं. इसके लिए जरूरी है कि आप माइंडफुल ईटिंग पर ध्यान दें. कहते हैं न पहले आंखो से फिर नाक से और फिर मुंह से खाना खाया जाता है. इसी प्रोसेस पर ध्यान देना चाहिए. खाने की प्रेजेंटेशन पर फोकस करने से पहले उसकी खुशबू, स्वाद और टेक्सचर को पूरी तरह एंजॉय करते हुए खाएं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस दौरान फोन, लोगों की चहलपहल सबकी तरफ ध्यान न दें, बल्कि पूरा फोकस बस खाने पर होना चाहिए.

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खुद को दें ट्रीट

अक्सर ऐसा होता है जब हम किसी और के साथ खाना खाने रेस्तरां में जाते हैं उनकी पसंद पहले पूछते हैं. ऐसे में कुछ कॉमन सा ऑर्डर कर लिया जाता है. अब जबकि आप सोलो डाइनिंग के लिए आए हैं तो अपने आपको ट्रीट देना बिल्कुल न भूलें. अपनी पसंद का डेजर्ट, आइसक्रीम जैसी जो भी चीज है उसे ही ऑर्डर करें. इसके अलावा आप चाहे तो उस जगह की कोई खास रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं. इस बारे में आप वहां के स्टाफ से जानकारी ले सकते हैं और उनकी सलाह से अपने लिए स्पेशल डिश मंगाएं. क्या पता आपकी ये सेल्फ डेट यादगार बन जाए.

ऑफपीक ऑवर्स में जाएं

सोलो डाइनिंग की शुरुआत है या पहली बार ऐसा कर रहे हैं तो भीड़भाड़ के बीच आप थोड़ा असहज महसूस कर सकते हैं. ऐसे में जरूर है कि लंच हो या फिर डिनर आप थोड़ा सा ऑफपीक ऑवर्स में रेस्तरां जाएं. इससे आपको सीट भी बढ़िया मिल जाती है और स्टाफ भी आपको ज्यादा बेहतर तरीके से ट्रीट कर पाता है.

ऐसी चुनें जगह

फर्स्ट सोलो डाइनिंग है तो ये और भी जरूरी हो जाता है कि आपका एक्सपीरियंस बेहतर हो ताकि आप आगे से अकेले कहीं जाकर खाने में झिझक महसूस न करें. अपने लिए कोई ऐसी जगह चुनें जहां का एंबियंस कमाल का हो. बहुत ज्यादा रश नहीं होना चाहिए और हल्का म्यूजिक, आंखों को सुकून देने वाली लाइटिंग जैसा माहौल आपकी सोलो डाइनिंग को कमाल बना दें.