राहुल गांधी की सरप्राइज पॉलिटिक्स ने इन दिनों दिल्ली पुलिस के पसीने छुड़ा दिए हैं. जुलाई से लेकर अब तक 4 ऐसे मौके सामने आए, जब राहुल गांधी ने पुलिस को सीधे तौर पर चकमा दिया. प्रदर्शन पर बैठे और मीडिया की सुर्खियों में बने रहे. राहुल की सरप्राइज पॉलिटिक्स का उदाहरण इससे भी समझा जा सकता है कि आखिरीआखिरी वक्त तक कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं को उनकी स्ट्रैटजी के बारे में जानकारी नहीं रहती है.

मसलन, बुधवार को जब कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल गांधी लंच पर सागर रत्ना होटल में गए तो आखिरी वक्त में समाजवादी पार्टी को इसकी जानकारी मिली, जिसके कारण सपा के सांसद इस लंच में शामिल नहीं हो पाए.

तारीख 21 जुलाई: पीएम आवास के बाहर धरना देकर चौंकाया

जुलाई 2026 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर कॉकरोच पार्टी ने सोनम वांगचुक के नेतृत्व में प्रदर्शन की शुरुआत की. जुलाई के मध्य में यह प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया. इसी बीच 21 जुलाई को संसद की कार्यवाही समय से पहले स्थगित हो गई.

कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी अपने कुछ सांसदों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर गए. उस दिन खरगे का जन्मदिन भी था, लेकिन उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ केक काटने से मना कर दिया.

PM आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी.

इसके बाद राहुल खरगे और प्रियंका के साथ आवास से बाहर निकले. थोड़ी दूर चलने के बाद राहुल सीधे पीएम आवास के पिछले दरवाजे पर जाकर बैठ गए. राहुल की इस सरप्राइज पॉलिटिक्स ने दिल्ली पुलिस से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय तक की नींद उड़ा दी.

आननफानन में पीएमओ से संबंधित मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन राहुल से मिलने आए, लेकिन उन्होंने अपनी शर्तों से पीछे हटने से इनकार कर दिया. करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद राहुल को पीएम आवास से हटाया गया.

कहा जाता है कि राहुल गांधी के पीएम आवास के बाहर धरने की जानकारी सिर्फ प्रियंका गांधी और उनके कुछ करीबी नेताओं को थी. इंडिया गठबंधन की दूसरी बड़ी पार्टी सपा के मुखिया अखिलेश यादव भी धरने स्थल पर तब पहुंचे, जब बवाल काफी ज्यादा बढ़ गया था.

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में राहुल गांधी.

तारीख 21 अगस्त: साहिल के साथ पुलिस के खिलाफ FIR करने पहुंचे

15 अगस्त के आसपास बीजेपी ने वंदे मातरम् के मुद्दे को तुल देना शुरू किया. इस मुद्दे से घिरे राहुल गांधी 21 अगस्त को साहिल लोचव के साथ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंच गए. साहिल लोचव हरियाणा के रहने वाले हैं. दिल्ली में जुलाई में प्रदर्शन के दौरान साहिल पर पैलेट गन से अटैक हुआ था.

राहुल गांधी के मुताबिक साहिल के एफआईआर को पुलिस नहीं लिख रही थी. इसके बाद राहुल गांधी काफी देर तक पुलिस कर्मियों से बहस करते रहे. आखिर में राहुल गांधी के कहने पर साहिल की एफआईआर लिखी गई. राहुल इस दिन भी करीब 7 घंटे तक धरने पर रहे.

तारीख 6 अक्टूबर: एक इशारा और आकाशवाणी भवन में घुसे

6 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ राहुल गांधी चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करने संसद भवन परिसर से निकले. कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें वैन में बैठा लिया. राहुल वैन से जा रहे थे. इसी दौरान आकाशवाणी भवन के सामने उन्होंने प्रियंका गांधी को इशारा किया.

इसके बाद दोनों भाईबहन निकलकर आकाशवाणी भवन में घुस गए. आकाशवाणी भवन के पीछे वाले गेट से आसानी से चुनाव आयोग के दफ्तर में प्रवेश किया जा सकता था.

आकाशवाणी भवन में राहुल गांधी.

हालांकि, पुलिस की तत्परता के कारण राहुल पिछले दरवाजे तक नहीं पहुंच पाए, जिसके बाद वे आकाशवाणी भवन के बाहर बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए. राहुल इस दिन भी करीब 6 घंटे तक धरने पर बैठे रहे.

तारीख 7 अक्टूबर: होटल के बाहर बसें बुलाईं, जंतरमंतर कूच किया

7 अक्टूबर को राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कहने पर कनॉट पैलेस के सागर रत्ना होटल में लंच के लिए पहुंचे. यहां पहले से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कई नेताओं का बुला लिया गया था. लंच के दौरान ही 3 बसें बुलाई गई. राहुल खाना खाकर निकले और बस में बैठकर जंतरमंतर जाने लगे.

पुलिस ने जब रोका तो राहुल के साथ प्रियंका गांधी सड़क पर लेट गई. पुलिसकर्मी जब उन्हें उठाने लगे, तो राहुल ने विरोध कर दिया. राहुल ने कहा कि ये मेरी बहन है. आप इनके साथ ज्यादती नहीं कर सकते हैं.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक लंच पर जाने का प्लान 6 अक्टूबर की देर रात बनाया गया था. इसके कारण कई सांसद इसमें नहीं पहुंच पाए. प्लान को सीक्रेट रखा गया था.

अब 2 सवाल, जो सरप्राइज पॉलिटिक्स को लेकर उठ रहे हैं?

1. राहुल गांधी सरप्राइज पॉलिटिक्स क्यों कर रहे हैं?

अब तक राहुल गांधी की छवि पार्टी के भीतर और बाहर एक ऐसे नेता की रही है, जो संसद और सोशल मीडिया पर अपनी बातें रखते हैं. वहीं, बीजेपी उन्हें विदेश घूमने वाला नेता बताती रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। राहुल प्रदर्शन के जरिए इस छवि को तोड़ना चाहते हैं.

राहुल जानते हैं कि दिल्ली में अगर प्लान के तहत प्रदर्शन किया जाए तो इसकी इजाजत नहीं मिलेगी. प्रदर्शन से पहले ही उनके आवास को पुलिस घेर लेगी. इसलिए वे सरप्राइज पॉलिटिक्स का सहारा ले रहे हैं. राहुल अपनी योजनाओं को काफी गोपनीय रखते हैं, ताकि मीडिया और पुलिस को इसकी जानकारी पहले से न मिल पाए.

2. क्या राहुल की सरप्राइज पॉलिटिक्स के पीछे कोई नया चेहरा है?

लुटियंस दिल्ली में इस बात की चर्चा तेज है कि राहुल गांधी की सरप्राइज पॉलिटिक्स के पीछे कोई नया चेहरा है, जिसकी सलाह पर राहुल सड़कों पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि, इसके बारे में कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

आमतौर पर राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन के दौरान वही चेहरे नजर आते हैं, जो पहले से उनकी टीम में शामिल हैं.