31 अक्टूबर को हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है. गुजरात के एकता नगर केवडिया में कार्यक्रम होता है, जिसमें प्रधानमंत्री भी शामिल होते हैं. इस साल कार्यक्रम का आयोजन कुछ तरीके से किया जाएगा. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन राष्ट्रीय एकता दिवस को लेकर बुधवार को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पिछली परंपराओं में कुछ बदलाव किए गए हैं और ऐसा दो उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. इसका सबसे मुख्य कारण देश में सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे का जश्न मनाना है.

केंद्रीय गृह सचिव ने बताया कि पहला उद्देश्य देश का ध्यान पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों की ओर आकर्षित करना है. उन्होंने बताया कि देश को नक्सलियों से मुक्ति मिली है. इस पूरे ऑपरेशन में जो पुलिस और सेंट्रल फोर्सेज शामिल थी वो परेड में शामिल होंगी.

NSD के 2 हजार कलाकार प्ले करेंगे

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान NSD के 2 हजार आर्टिस्ट नक्सल अभियान को लेकर एक प्ले भी करेंगे. उन्होंने बताया कि
नक्सल प्रभावित जिलों से लोगों को बुलाया जाएगा ताकि वो परेड देख सकें. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 2000 से ज्यादा कलाकार अलगअलग प्रस्तुती देंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। खासकर देश में कैसे नक्सलवाद बढ़ा और कैसे उसे समाप्त किया गया, इस पर भी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे.

सुबह की जगह शाम को होगा कार्यक्रम का आयोजन

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि जिन जिलों में नक्सलवाद था आज वहां विकास का काम हो रहा है. इन सभी तथ्यों को कार्यक्रम के दौरान पेश किया जाएगा. उन्होंने बताया कि हर बार कार्यक्रम का आयोजन सुबह होता था, लेकिन परेड का आयोजन शाम को होगा. उन्होंने बताया कि झांकियों का चयन प्रतियोगिता के आधार पर हुआ है. वंदेमातरम की थीम पर इनका चयन किया गया है. खास बात ये है कि कार्यक्रम में सिर्फ सरकारी विभाग ही नहीं बल्कि जनता की तरफ से भी झांकियों का चयन किया गया है.

क्या होगी इस बार की थीम

इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी जनता को शामिल किया गया है. गुजरात में रह रहे भारत के अन्य प्रदेशों के लोगों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे. इस बार 31 अगस्त को शाम में होने वाले प्ले की थीम आनंद मत होगी. पिछली बार इसकी थीम सरदार पटेल पर थी. कार्यक्रम में देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के रहने वाले लोगों द्वारा तैयार किए गए राष्ट्रगान का प्रदर्शन किया जाएगा.