उत्तर प्रदेश में अगले साल में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं. चुनावी रणनीति के साथ ही सीट शेयरिंग पर भी मंथन शुरू हो गया है. वहीं बहुजन समाज पार्टी ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है.

जानकारी के मुताबिक आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस जिले की सादाबाद विधानसभा से पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे. पार्टी की रणनीति के तहत आकाश सादाबाद में विधानसभा प्रभारी के नाम की घोषणा करेंगे और इसके बाद कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करेंगे.

पार्टी की मजबूती पर जोर

BSP की योजना प्रदेशभर में विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की घोषणा के साथ चुनावी अभियान को गति देने की है. इसके तहत आकाश आनंद विभिन्न जिलों में लगातार जनसभाएं और संगठनात्मक बैठकें करेंगे और पार्टी को मजबूत करेंगे.

पार्टी का गिरता ग्राफ बना चिंता का सबब

BSP नेतृत्व का मानना है कि साल 2007 की पूर्ण बहुमत सरकार के बाद पार्टी लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में 2027 के चुनाव को देखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और अपने पारंपरिक वोट बैंक को फिर से एकजुट करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में आकाश आनंद को चुनावी अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया गया है.

अविन शर्मा के नाम का हो सकता है ऐलान

सूत्रों के मुताबिक 10 अगस्त को सादाबाद विधानसभा से पार्टी उम्मीदवार के रूप में अविन शर्मा के नाम की घोषणा की जा सकती है. BSP पहले विधानसभा प्रभारियों की घोषणा करती है और चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उन्हें आधिकारिक प्रत्याशी घोषित करती है.

25 अगस्त को जेवर में जनसभा

पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, सादाबाद के बाद 25 अगस्त को जेवर में भी आकाश आनंद की बड़ी जनसभा प्रस्तावित है. BSP नेतृत्व को उम्मीद है कि आकाश आनंद के नेतृत्व में शुरू होने वाला यह अभियान संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगा और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को मजबूती देगा.

सादाबाद विधानसभा सीट का समीकरण

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की सादाबाद विधानसभा सीट के चुनावी समीकरण की बात करें तो यहां जाट, ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता मुख्य रूप से हारजीत तय करते हैं. सादाबाद हिंदूबहुसंख्यक निर्वाचन क्षेत्र है, जहां जाट सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं और चुनावी जीत करने में उनका रोल सबसे अहम होता है.

अब तक 17 बार विधानसभा चुनाव हुए

सादाबाद विधानसभा सीट पर अब तक 17 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह सीट पांच बार जीती. इसके अलावा राष्ट्रीय लोक दल ने तीन , BJP और जनता दल ने 22 बार यह सीट जीती है. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार, भारतीय क्रांति पार्टी , जनता पार्टी, लोक दल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने एकएक बार जीत हासिल की है. पिछले तीन चुनावों में तीन अलगअलग पार्टियों ने इस सीट पर जीत हासिल की है.

2012 से 2022 तक के नतीजों पर एक नजर

  • 2012 में समाजवादी पार्टी ने सादाबाद विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी. पार्टी ने यहां से देवेंद्र अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने BSP के सतेंद्र शर्मा को 5,187 वोटों से शिकस्त दी थी.
  • 2017 में BSP ने इस पर कब्जा किया था. पार्टी के उम्मीदवार रामवीर उपाध्याय ने RLD के डॉ. अनिल चौधरी को 26,590 वोटों से हराया था. हालांकि वो बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे.
  • 2022 में RLD ने यहां से जीत हासिल की थी. पार्टी के प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार रामवीर उपाध्याय को 6,437 वोटों से हराया था.