
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की सुगबुगाहट तेज होते ही देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच खलबली मच गई है। हर कोई यह जानने के लिए बेहद उत्सुक है कि उनकी सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होने वाली है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी विस्तृत सिफारिशों या इसे लागू करने की समय-सीमा को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर एरियर (Arrears) की रकम को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।
इन वायरल दावों में कहा जा रहा है कि कर्मचारियों का एरियर 5 लाख रुपये से लेकर 14 लाख रुपये तक हो सकता है। आइए बिना किसी उलझन के बेहद आसान शब्दों में समझते हैं कि इन दावों के पीछे का असली गणित क्या है, एरियर की टाइमलाइन क्या होगी और फिटमेंट फैक्टर की हकीकत क्या है। केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक, आमतौर पर हर 10 साल में एक नए केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं। पिछला यानी 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था। इस हिसाब से कर्मचारी पूरी उम्मीद कर रहे हैं कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।
आखिर कैसे बनेगा 15 महीने का एरियर
सरकार ने अभी तक इस प्रभावी तारीख (Effective Date) की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन अगर नए वेतन ढांचे को जनवरी 2026 से ही बैकडेट (भूतलक्षी प्रभाव) से लागू माना जाता है और नए ऊंचे वेतन का वास्तविक भुगतान अप्रैल 2027 से शुरू होता है, तो कर्मचारी लगभग 15 महीनों के बकाया एरियर के हकदार हो सकते हैं।
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कर्मचारियों को मिलने वाला अंतिम एरियर और बेसिक सैलरी पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि केंद्र सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है। पहले जहां 1.92 या 2.51 के मल्टीप्लायर (गुणांक) पर चर्चा हो रही थी, वहीं अब कर्मचारी यूनियनें सरकार पर 3.68 का फिटमेंट फैक्टर मंजूर करने के लिए लगातार दबाव बना रही हैं। इस फिटमेंट फैक्टर की मंजूरी मिलने पर ही सैलरी में बंपर उछाल देखने को मिलेगा।
छोटे कर्मचारियों का एरियर कैसे पहुंचेगा करीब ₹5 लाख
यदि सरकार कर्मचारी यूनियनों की मांग के आगे झुक जाती है और 3.68 का फिटमेंट फैक्टर मान लेती है, तो सबसे निचले वेतन स्तर (Lowest Pay Level) के कर्मचारियों की सैलरी का हिसाब पूरी तरह बदल जाएगा।
वर्तमान में इन कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है। लेकिन 3.68 फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद यह नई बेसिक सैलरी सीधे ₹66,240 हो जाएगी। इस बड़े बदलाव से हर महीने के मूल वेतन में ₹48,240 का भारी अंतर आएगा। अगर इस कैलकुलेशन में महंगाई भत्ते (DA) को शामिल न भी किया जाए, तो केवल 10 महीनों का एरियर ही लगभग ₹4.82 लाख बन जाता है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 5 लाख रुपये के आंकड़े के बेहद करीब है।
उच्च स्तर के अधिकारियों की होने वाली है चांदी
दूसरी ओर, सरकारी तंत्र में सबसे उच्चतम वेतन स्तर पर मौजूद कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) जैसे शीर्ष अधिकारियों का गणित तो बिल्कुल ही अलग और हैरान करने वाला है।
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इन शीर्ष अधिकारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹2.5 लाख है। अगर 3.68 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो उनकी नई बेसिक सैलरी सीधे ₹9.2 लाख हो जाएगी। इस जबरदस्त बढ़ोतरी से उनके मासिक वेतन में सीधे ₹6.7 लाख का भारी अंतर देखने को मिलेगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि नई सैलरी के भुगतान में महज 2 महीने से थोड़े से अधिक समय की भी देरी (बैकडेट लागू होने के बाद) होती है, तो उनका बकाया एरियर आसानी से 14 लाख रुपये के पार निकल जाएगा।



