Himachal Se: Varanasi News: ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गायों की सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि यदि कोई हिंदू किसी कारणवश अपनी गाय बेचना चाहता है तो अब उसके लिए एक विशेष व्यवस्था शुरू की जाएगी. इसके तहत OLX की तर्ज पर ‘गोLX’ नाम से एक प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जहां गाय बेचने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति संपर्क कर सकेगा और उनकी संस्था उस गाय को खरीद लेगी. शंकराचार्य ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य गायों को कटने से बचाना और गौसेवा को बढ़ावा देना है.

‘गोLX’ वेबसाइट के जरिए होगी गायों की खरीद
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि गोLX वेबसाइट के माध्यम से देशभर के हिंदू अपनी गायों की जानकारी साझा कर सकेंगे. इसके बाद संस्था और गौसेवा से जुड़े लोग मिलकर उन गायों को खरीदेंगे और उनकी देखभाल की व्यवस्था करेंगे. उन्होंने कहा कि इस योजना में वे अकेले नहीं हैं, बल्कि बड़ी संख्या में ऐसे हिंदू उनके साथ जुड़े हैं, जो गौरक्षा का पुण्य अर्जित करना चाहते हैं. उन्हीं लोगों के आग्रह पर इस योजना को शुरू करने का निर्णय लिया गया है.
‘हिंदू कभी गाय को कटने के लिए नहीं बेचता’
शंकराचार्य ने कुछ मौलानाओं और सोशल मीडिया पर चल रहे कथित बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि एक झूठा नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि यदि मुसलमान गाय खरीदना बंद कर देंगे तो हिंदुओं को आर्थिक नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं कि हिंदू व्यापारी अपनी गाय बेचने में परेशान हैं, क्योंकि अब मुसलमान उन्हें नहीं खरीद रहे. इस पर शंकराचार्य ने साफ कहा कि कोई भी हिंदू जानबूझकर अपनी गाय किसी कसाई को नहीं बेचता.
शंकराचार्य ने कहा, अगर किसी हिंदू को यह पता चल जाए कि उसकी गाय को काटा जाएगा तो वह किसी भी कीमत पर उसे नहीं बेचेगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हिंदू गाय को केवल इस भरोसे पर बेचता है कि उसकी सेवा और देखभाल की जाएगी.
सुल्तानपुर में गविष्ठी यात्रा के दौरान किया ऐलान
शंकराचार्य इस समय अपनी गविष्ठी यात्रा पर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में हैं. वहीं उन्होंने इस नई योजना की घोषणा की. उनके इस बयान और ‘गोLX’ प्लेटफॉर्म की घोषणा के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. वहीं गौरक्षा से जुड़े संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म देशभर में गौसंरक्षण से जुड़े लोगों को एक साथ जोड़ने का माध्यम बन सकता है.



