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राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसमें पिता की हत्या के आरोप में उसके ही दो बेटों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, घरेलू विवाद के दौरान दोनों बेटों ने कथित तौर पर अपने पिता की हत्या कर दी. इसके बाद सबूत छिपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की और घर के पीछे बने गड्ढे में दबा दिया. किसी को शक न हो, इसलिए शव के ऊपर खेजड़ी की लकड़ियां भी डाल दी गईं.

वारदात के बाद दोनों बेटे करीब सात दिनों तक लोगों को यही बताते रहे कि उनके पिता काम के सिलसिले में मुंबई गए हैं. उन्होंने शव के बारे में जानकारी होने से भी इनकार किया. लेकिन घर के पीछे से उठने वाली बदबू ने उनके दावे पर सवाल खड़े कर दिए.

कैसे खुलास मामला?

पड़ोस में रहने वाले मृतक के भतीजे को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और गड्ढे से शव बरामद किया. जांच के बाद मृतक के दोनों बेटों शिव (32) और दीपेन्द्र (30) को गिरफ्तार कर लिया गया. यह मामला झुंझुनूं जिले के सुलताना थाना क्षेत्र के तारा का बास गांव का है. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या की वजह घरेलू विवाद सामने आया है.

आखिर क्या था विवाद?

पुलिस के मुताबिक, मृतक जुगलकिशोर जांगिड़ (52) पहले मुंबई में रहकर फर्नीचर का काम करते थे. उनके दोनों बेटे भी मुंबई में ही रहते थे. करीब एक साल पहले जुगलकिशोर गांव लौट आए थे. थानाधिकारी रामनिवास ने बताया कि जुगलकिशोर शराब पीने के बाद गाली-गलौज करते थे. इस वजह से घर में अक्सर विवाद होता रहता था.

पुलिस जांच के अनुसार, 11 अक्टूबर को जुगलकिशोर अपने परिवार के साथ गांव के जीणमाता मंदिर गए थे. वहां शराब के नशे में गाली-गलौज करने को लेकर विवाद हुआ. मंदिर से लौटने के बाद घर में झगड़ा और बढ़ गया.

आरोप है कि इसी विवाद के दौरान बड़े बेटे शिव ने अपने पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी. जांच में दूसरे बेटे दीपेन्द्र की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी इस मामले में आरोपी बनाया.

हत्या के बाद दोनों बेटों ने क्या किया?

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात को छिपाने की कोशिश की. कथित तौर पर उन्होंने शव पर पेट्रोल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया. इसके बाद शव को घर के पीछे बने गड्ढे में दबा दिया. शव किसी की नजर में न आए, इसके लिए आरोपियों ने गड्ढे के ऊपर खेजड़ी की लकड़ियां डाल दीं. उन्हें उम्मीद थी कि इस तरह किसी को वहां शव होने का पता नहीं चलेगा.

कैसे लोगों से छिपाते रहे पूरी वारदात?

इस दौरान दोनों बेटे लोगों को बताते रहे कि उनके पिता काम के सिलसिले में मुंबई गए हुए हैं. करीब सात दिनों तक वे इसी बात को दोहराते रहे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने पिता के बारे में पूछने वालों के सामने भी यही कहानी रखी और शव के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया. लेकिन घर के पीछे से आने वाली तेज बदबू ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया.

17 अक्टूबर को घर के पीछे से बदबू आने लगी. पड़ोस में रहने वाले जुगलकिशोर के भतीजे को इस पर संदेह हुआ. उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. मकान के पीछे बने गड्ढे की जांच करने पर वहां आधा दबा हुआ क्षत-विक्षत शव मिला. शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मृतक के परिजनों से पूछताछ की.

पूछताछ के दौरान दोनों बेटों ने पुलिस को बताया कि उनके पिता काम के सिलसिले में मुंबई गए हुए हैं. जब उनसे गड्ढे में मिले शव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इससे अनजान होने की बात कही. हालांकि, पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ और जुटाए गए सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. जांच के दौरान दोनों बेटों की कथित भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

महाराष्ट्र में कहां रहते थे दोनों आरोपी?

थानाधिकारी रामनिवास के मुताबिक, पुलिस ने दोनों आरोपियों को 19 अक्टूबर को हिरासत में लिया था. इसके बाद 20 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भाईंदर ईस्ट स्थित न्यू पायल अपार्टमेंट में रहते थे. फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में घरेलू विवाद को हत्या की वजह बताया गया है. पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों की पुष्टि आगे की कानूनी प्रक्रिया में होनी बाकी है.