Himachal Se: Ganga Dussehra Daan Importance: सनातन धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बड़ा महत्व रखता है। यह पर्व मुख्य रूप से मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर आगमन की खुशी में मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा का पर्व को 25 मई को मनाया जा रहा है। हिंदू लोक मान्यता के अनुसार, गंगा दशहरा वाले दिन गंगा तट पर जाकर न सिर्फ स्नान बल्कि दान का भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। गंगा दशहरा पर आखिर किन चीजों का दान करने पर जीवन का दुख और दुर्भाग्य दूर और सुखसौभाग्य की प्राप्ति होती है।

गंगा दशहरा पर किन चीजों का दान करना बड़ा शुभ?
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जल दान
हिंदू धर्म शास्त्रों में जल दान का विशेष महत्व बताया गया है। के दिन प्यासे लोगों और राहगीरों को शरबत पिलाना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। ऐसा करने से जीवन में सुखसमृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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सत्तू का दान
गंगा दशहरा के दिन प्यासे लोगों को पानी पिलाने के अलावा, सत्तू का दान भी कर सकते है। उत्तर भारत में सत्तू एक पारंपरिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थ माना जाता है। गर्म मौसम में राहत देने वाले सत्तू का दान गंगा दशहरा के अवसर पर अत्यंत शुभ और पुण्यकारी माना जाता है।
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जूतेचप्पल का दान
हिंदू मान्यता के अनुसार यदि गंगा दशहरा के दौरान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को गर्म तापमान के कारण तपती जमीन से पैरों को बचाने वाली चप्पल या जूते दान में दिये जाएं तो उसका अत्यधिक पुण्यफल प्राप्त होता है।
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छाता का दान
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाने वाला गंगा दशहरा पर्व अत्यधिक गर्मी के समय आता है। ऐसे में इस दिन जरूरतमंद लोगों को सूर्य की तेज धूप से बचाने के लिए छाता, टोपी, चप्पल या गमछा आदि का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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वस्त्र का दान
गंगा दशहरा के दिन अपनी क्षमता के अनुसार करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी किसी को पुराने, फटे या इस्तेमाल किए हुए कपड़े दान न करें, अन्यथा ऐसे दान का शुभ फल प्राप्त नहीं होता।
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गंगा दशहरा पर दीपदान
गंगा दशहरा के दिन विभिन्न प्रकार के दान के साथ दीपदान का भी विशेष महत्व माना गया है। इस दिन गंगा स्नान और पूजन के बाद शुद्ध घी के दीपक जलाकर उन्हें नदी में प्रवाहित करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
हिंदू मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा पर गंगा में दीपदान करने से मां गंगा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे जीवन के सभी प्रकार के अंधकार, दुख और दुर्भाग्य दूर होते हैं तथा सुखसमृद्धि का आगमन होता है।



