
गुजरात के जूनागढ़ में आयोजित एक ‘लोक डायरो’ भजन कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा की गई नोटों की बारिश ने सबका ध्यान खींच लिया है। इस दौरान मशहूर भजन गायक जिग्नेश कविराज मंच पर परफॉर्म करते हुए नोटों के ढेर में लगभग दब गए, लेकिन इसके बावजूद वह पूरी तन्मयता के साथ भजन गाते रहे। यह कार्यक्रम भागवद् ज्ञान यज्ञ के दौरान आयोजित किया गया था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
भक्ति के नाम पर नोटों की बारिश
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही भजन की प्रस्तुति शुरू हुई, श्रद्धालुओं की भीड़ मंच की ओर बढ़ने लगी। कई लोग अपने साथ लाए थैलों और बोरियों से नोट निकालकर हवा में उड़ाने लगे। कुछ ही देर में पूरा मंच नोटों से भर गया और गायक उसके बीच खड़े होकर प्रस्तुति देते नजर आए।
नोटों के ढेर में घिरे कलाकार
मंच पर मौजूद स्वयंसेवक लगातार नोटों को समेटने की कोशिश करते रहे, लेकिन कुछ ही मिनटों में इतना पैसा बरसाया गया कि पूरा मंच नोटों से ढक गया। इस दौरान लोक कलाकार मायाभाई अहीर के बेटे जयराज अहीर भी मंच पर मौजूद थे और उन्हें भी नोट बरसाते हुए देखा गया।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक वर्ग इसे गुजरात की लोक परंपरा और भक्ति का हिस्सा बता रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे दिखावा और पैसे की बर्बादी करार दे रहा है।
आयोजकों का सफाई बयान
विवाद बढ़ने के बाद आयोजकों ने स्पष्ट किया कि मंच पर बरसाए गए पैसे भजन गायक की निजी कमाई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि धार्मिक कार्यों, गौसेवा और सामुदायिक कल्याण गतिविधियों में खर्च की जाएगी।
फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जा रहा है।
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