शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर 2026 से हुआ है. आज इस पावन पर्व का तीसरा दिन है, जो मां आदिशक्ति भवानी के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा को समर्पित होता है. इन्हें रबड़ी, पेड़ा या दूध से बनी सफेद रंग की मिठाइयों का भोग अर्पित करने की परंपरा मानी गई है. आज आप इस पवित्र दिन पर साहस की देवी मां चंद्रघंटा को समा के चावल और गुड़ से बनने वाली रबड़ी का भोग लगाएं. इस आर्टिकल में इनग्रेडिएंट्स समेत पूरी रेसिपी स्टेप बाय स्टेप दी गई है.

नवरात्रि के तीसरे दिन के भोग की ये रेसिपी फूड इंफ्लुएंसर सौम्या ने शेयर की है. ये इतनी क्रीमी बनती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. इसे व्रत में भी खाया जा सकता है. ये आपको भरपूर एनर्जी भी मिलती है. तो चलिए जान लेते हैं रेसिपी.

रबड़ी के इनग्रेडिएंट्स करें नोट

  • 2 बड़े चम्मच समा के चावल
  • 1 बड़ा चम्मच सूखा नारियल
  • 6 से 8 काजू
  • 500 ml फुल फैट दूध या इससे थोड़ा ज्यादा
  • 23 बड़े चम्मच गुड़ का पाउडर
  • ⅛ छोटी चम्मच इलायची पाउडर
  • सजावट के लिए कटे हुए काजू और बादाम

रबड़ी तैयार करने का तरीका

  • समा के चावल और काजू को 1520 मिनट के लिए पानी में भिगो दें ताकि ये थोड़े फूल जाएं.
  • चावल और काजू को पानी निकालकर, इन्हें सूखे नारियल और थोड़े से दूध के साथ मिलाकर चिकना पेस्ट बना लें.
  • एक भारी तले वाले पैन में दूध गरम करें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। तैयार किए गए पेस्ट को धीरेधीरे डालें और लगातार चलाते रहें.
  • धीमी से मध्यम आंच पर 1520 मिनट तक पकाएं और बीचबीच में चलाते रहें ताकि ये बर्तन की तली में चिपके नहीं.
  • इसे तब तक पकाना है जब तक कि समा के चावल पूरी तरह पक न जाएं और मिश्रण गाढ़ा और क्रीमी न हो जाए.
  • जब ये अच्छे से पक जाए तो आंच बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें ताकि गुड़ डालने पर दूध फटे नहीं.
  • ठंडा होने के हाद गुड़ का पाउडर और इलायची पाउडर मिलाएं. इसे अच्छी तरह मिक्स करें.
  • सबसे लास्ट में कटे हुए ड्राई फ्रूट्स भी मिला दें. अब बस रबड़ी मां चंद्रघंटा के भोग के लिए तैयार है.
  • भोग अर्पित करने के बाद आप इसे गरम या ठंडा परोस सकते हैं. सर्व करते हुए इसमें ऊपर से थोड़े से कुटे हुए नट्स से गार्निश करें.